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हाईटेक होंगे झारखंड सचिवालय सेवा के पदाधिकारी, AI तकनीक से होंगे लैस

Ranchi : झारखंड सचिवालय सेवा के पदाधिकारी अब हाईटेक होंगे. इसके लिए राज्य सरकार ने उनके प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में बदलाव किया है. इसके तहत  सचिवालय सेवा के पदाधिकारियों के लिए तीन चरणों में अनिवार्य प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित किया है. 

 

ऐसे होगा तीन चरणों में प्रशिक्षण

•    आधारभूत प्रशिक्षण (8 सप्ताह): सेवा में प्रवेश के समय दिया जाएगा.

•    सेवाकालीन प्रशिक्षण (2 सप्ताह): 6-8 वर्षों में एक बार दिया जाएगा.

•    पदोन्नति से जुड़ा प्रशिक्षण (3-5 दिन): पदोन्नति के तुरंत बाद दिया जाएगा.

 

क्या है प्रशिक्षण का उद्देश्य

नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत पदाधिकारियों को आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जाएगा. उनकी कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि की जाएगी. साथ ही इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में सुधार लाना है.

 

ऐसा होगा पहला चरण: आधारभूत प्रशिक्षण (8 सप्ताह)

•    सचिवालय और अध्यक्षालयों का संगठन

•    सचिवालय के विभागों की संरचना, विभिन्न कोटि के पदाधिकारियों के कार्य और उत्तरदायित्व

•    कार्यालय में नया कागज पत्र प्राप्ति के समय से निबटाव तक, जिन प्रक्रमों से गुजरता है, उनका सामान्य वर्णन

•    डाक की प्राप्ति और पदाधिकारियों तथा प्रशाखाओं के बीच उसका वितरण

•    प्रशाखा पदाधिकारी द्वारा कार्यवाह सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के नाम कागज-पत्रों का अंकन, कर्मपुस्तों में प्रविष्टियां

•    दैनिक पंजी में प्राप्त कागज पत्रों का निबंधन इसका महत्व

•    नई फाइलों को खोला जाना फाइल की संख्या और विषय फाइल अनुक्रम पंजी और फाइल पंजी में की जाने वाली प्रविष्टियां

•    फाइलों का विन्यास, निर्देशीकरण और पृष्ठ संख्यांकन तथा किसी फाइल में कागज पत्रों का पतांकन

•    फाइलों का मूल शीर्षक अनुक्रमणियों का उपयोग और पूर्व कागज पत्रों तथा निर्देशनों का ढूंढ निकालने की रीति, गोपनीय और साधारण संग्रहीत कागज पत्रों की मांग किस तरह की जाए और उन्हें कैसे प्राप्त किया जाए

•    संग्रहण मामले किस प्रकार संग्रहित किए जाते है- संग्रहिता के पास पहुंचने के पहले कार्यवाही किन प्रक्रमों से गुजरती है

•    कार्यालय में आमतौर से काम में आनेवाले फारम, लेखन सामग्री

•    विभिन्न प्रकार के पत्रादि यथा सरकारी पत्र, अर्द्ध सरकारी पत्र, विविध आदेश, संकल्प, अधिसूचना इत्यादि

•    पत्रों की स्वच्छ प्रतियां और प्रेषण

•    प्रेषण की प्रकृति, प्रेषण पंजी का संधारण

•    टिकट लेखा रखना

•    विलंब और बकायों पर अंकुश, साप्ताहिक बकाया सूची, तिमाही बकाया सूची पाक्षिक बकाया सूची और भारत सरकार के जिन पत्रों के उत्तर भेजने हो, उनकी बकाया सूची मामलों की तालिका, 

•    मंत्रिपरिषद् के निर्णयों पर की गई कार्रवाई के बारे में मंत्रिमंडल प्रशाखा की रिपोर्ट

•    कार्यालय प्रबंध और अनुपालन उपस्थिति पंजी, कार्यालय से अनुपस्थिति अवकाश, छुट्टी, आकस्मिक छुट्टी, चरित्र और स्वच्छता तथा सुव्यवस्था, अनुशासन, गोपनीय रिपोर्ट, चरित्र पुस्तियों में प्रविष्टियां आदि

•    कंप्यूटर का मूलभूत प्रशिक्षण (एआइ सहित) विभागों में व्यावहारिक प्रशिक्षण 


दूसरा चरण: विभागीय प्रशिक्षण (2 सप्ताह)

•    परीक्ष्यमान सहायक प्रशाखा पदाधिकारी आवंटित विभागों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे

•    एक सप्ताह तक वे कार्यालय की स्थापना शाखा में रहेंगे एवं स्थापना संबंधी कार्य, लेखन सामग्री एवं उपस्कर के रख-रखाव संबंधी कार्य, टेलिफोन बिल, चपरासियों की वर्दी आदि संबंधी कार्य निबटाने की प्रक्रिया देखेंगे

•    शेष अवधि में परीक्ष्यमान सहायक प्रशाखा पदाधिकारी विभिन्न प्रशाखा के कार्यवाह सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के साथ रहकर एवं उनके निदेशन में निम्न विषय सीखेंगे – जिस कार्यवाह सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के साथ वे संलग्न हों, उस सहायक प्रशाखा पदाधिकारी का जिन नियमों और विनियमों तथा कार्यालय आदेशों से संबंध हो, उन सबको अद्यतन बनाए रखना

•    प्रशाखा में निबटाए जाने वाले विषयों से संबंधित रक्षी फाइल (गार्ड फाइल) रखना

 

तीसरा चरण: संस्थानगत प्रशिक्षण (2 सप्ताह)

ऑफिस मैनेजमेंट मॉड्यूल

रूल्स ओरियेंटेशन मॉड्यूल

ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट

कॉनफिल्किट मैनेजमेंट

जूरिसप्यूडेंस

बिहेवियरल एंड इथिकल इश्यू

लीडरशिप

कम्यूनिकेशन

ई-ऑफिस
ई-गर्वनेंस 

पीपीपी मॉड्यूल

बेसिक ऑफ कंप्यूटर

एमएस ऑफिस

इंटरनेट

प्रिप्रेशन ऑफ बिल बाई इंटरनेट

एचआरएमएस मॉड्यूल

फाइल ट्रेकिंग सिस्टम

आई गोट कर्मयोगी

 

छः से आठ वर्षों में एक बार सेवाकालीन प्रशिक्षण (2 सप्ताह)

•    नई दक्षताओं को विकसित करने के लिए एक अनुभवात्मक प्रशिक्षण पद्धति जिसमें विशेष रूप से समस्या समाधान और निर्णय लेने के क्षमता में वृद्धि तथा ज्ञानाधार को अद्यतन करना सम्मिलित होगा

•    प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रशासी विभाग के सहयोग से निर्धारित किया जाएगा

 

पदोन्नति के तुरंत बाद पदोन्नति से जुड़ा प्रशिक्षण (3-5 दिन)

•    प्रत्येक स्तर/कोटि में पदोन्नति के तुरन्त बाद नई भूमिका और उत्तरदायित्वों से परिचित कराने के लिए पदोन्नति से जुड़े प्रशिक्षण की अवधि तीन से पांच दिनों की होगी

•    उक्त प्रशिक्षण कार्यात्मक दक्षता से संबंधित प्रासंगिक विषयों में पेशेवर दक्षता आवश्यक जीवन कौशल वांछनीय व्यक्तिगत गुणों को विकसित करने के लिए उन्हें नेतृत्व विकास, तनाव प्रबंधन, सार्वजनिक शासन में नैतिकता एवं मूल्य, सामान्य जागरुकता, सुशासन, नीतिगत विषयों के नए विकास, सरकार की योजनाओं, प्रशासनिक कानून, परियोजना प्रबंधन, ई-गवर्नेस आदि में उन्मुखीकरण शीर्ष के तहत श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान द्वारा प्रशासी विभाग के सहयोग से निर्धारित होगा.

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