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इस माह छात्र संघ चुनाव की तिथि नहीं तय हुई तो भूख हड़ताल करेंगे छात्र

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  • छात्र संघ चुनाव की मांग के लिए विभावि में छात्रों ने किया एक दिवसीय सत्याग्रह
  • पांच साल से नहीं कराया जा रहा चुनाव, विभावि कर रहा यूजीसी के प्रावधानों का उल्लंघन
  • इस माह चुनाव की तिथि तय नहीं हुई, तो छात्रों ने दी भूख हड़ताल करने की चेतावनी
Hazaribagh : छात्र संघ चुनाव की मांग के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में शुक्रवार को छात्रों ने एक दिवसीय सत्याग्रह किया. छात्र प्रतिनिधि अभिषेक राज के नेतृत्व में शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष सभी छात्र दिनभर बैठे रहे. अभिषेक राज ने कहा कि पिछले पांच वर्षों से विभावि में छात्र संघ चुनाव नहीं हुआ है. छात्र संघ चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों के मुद्दे भी यत्र-तत्र फाइलों में ही दफन हैं. सीनेट में भी छात्रों का कोई प्रतिनिधि पिछले पांच वर्षों से नहीं है. यह विभावि की ओर से यूजीसी के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है. पिछले महीने 25 अगस्त को छात्रों ने सांकेतिक धरना दिया था और विभावि प्रशासन से निवेदन किया गया था कि एक सप्ताह के अंदर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से विचार-विमर्श करके चुनाव पर उचित कदम उठाया जाए. लेकिन लगभग तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया. आज विभावि में सिंडिकेट की बैठक में भी छात्र संघ का मुद्दा नहीं उठाया जा रहा है. जान बूझकर यूनिवर्सिटी प्रशासन स्थायी वीसी नहीं होने का बहाना बता कर चुनाव टालने का तरीका ढूंढ रहा है, जबकि सभी कार्य यथावत हो रहे हैं. छात्रों ने कहा कि एक दिवसीय सत्याग्रह के माध्यम से विश्वविद्यालय से आग्रह किया जा रहा है कि जल्द ही चुनाव करवाने कि तिथि निर्धारित की जाए. इस महीने में अगर चुनाव पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो अगले महीने से छात्र भूख हड़ताल करेंगे. विभावि प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी वार्ता करने के लिए धरनास्थल पर नहीं पहुंचा.

छात्र संगठनों पर भी उठाया सवाल

छात्रों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, झारखंड छात्र मोर्चा, आजसू, एनएसयूआई, आदिवासी छात्र संघ आदि छात्र संगठनों के मौन पर भी सवाल उठाया है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन और छात्र संगठनों का चुनाव नहीं करवाने पर कोई आंतरिक और अनैतिक सांठ-गांठ तो नहीं हो गई है. आंदोलन में मुख्य रूप से बंटी कुमार, कुणाल, गुलशन, धीरज, पवन, विवेक, अमरदीप, सागर, हर्ष, गुलाम, फैजान, अमन, सौरब, सचिन मेहता, अरुण, सुनील, सोनू, प्रिंस राज, सतीश मेहता, राजा आदि छात्र शामिल थे. इसे भी पढ़ें : झारखंडः">https://lagatar.in/jharkhand-adequate-funds-in-pmay-u-houses-for-the-poor-are-not-being-built-due-to-negligence-of-officials/">झारखंडः

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