Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के बाद पुनर्बहाली किए गए झारखंड आर्म्ड पुलिस (JAP-8), पलामू के सिपाही जितेंद्र कुमार के मामले में आदेश दिया है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने 28 नवंबर 2015 से 13 अक्टूबर 2023 तक के बीच के करीब आठ साल के समय को सेवा में निरंतरता मानते हुए बकाया वेतन समेत सभी परिणामी लाभ देने का निर्देश दिया है.
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अदालत ने इस अवधि को ‘नो वर्क, नो पे’ के आधार पर बिना वेतन रखने और असाधारण अवकाश (Extraordinary Leave) मानने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया.
कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को रिकॉर्ड का सत्यापन कर सभी परिणामी लाभ देने और बकाया राशि लाभ का भुगतान आदेश की प्रति प्राप्त होने की तारीख से 12 सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया है. प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता नेहा भारद्वाज ने पक्ष रखा.
फर्जी प्रमाण पत्र और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का लगा था आरोप
जितेंद्र कुमार JAP-8, पलामू में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. उनके खिलाफ 30 दिसंबर 2014 को विभागीय आरोप पत्र गठित किया गया था. उन पर फर्जी आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया गया था.
विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए. इसके बाद 28 नवंबर 2015 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. उनकी अपील भी 18 मार्च 2016 को खारिज हो गयी थी. इसके बाद जितेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
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