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कार्यशाला का आयोजनः प्रभारी जिला जज ने कहा- सुदूरवर्ती क्षेत्रों की महिलाओं को जागरूक करने की जरूरत

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Ranchi: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के कार्यपालक अध्यक्ष और झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के निर्देश पर रांची सिविल कोर्ट के कांफ्रेंस हॉल में जिला राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से महिलाओं के लिए जागरूकता-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुधांशु कुमार शशि, प्रभारी न्यायायुक्त, रांची, कमला कुमारी, सचिव, डालसा, रांची, भावना, स्थायी लोक अदालत सदस्य, मनीषा रानी, मध्यस्थ, कौषिकी गुहा, डालसा कार्यालय के कर्मचारी एवं आंगनबाड़ी सहिया और सेविका मौके पर उपस्थित थीं. सुधांशु कुमार शशि, प्रभारी न्यायायुक्त ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जानना जरूरी हैं. सुदुरवर्ती क्षेत्रों में जहां महिलाएं अशिक्षित हैं, वहां जाकर उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है. महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र में काम कर रही हैं, परचम लहरा रही हैं. आंगनबाड़ी सेविका-सहिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आपलोगों को यहां बुलाने का मक्सद है कि आपको अपने क्षेत्र में महिलाओं को भी जागरूक करना है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/jharkhands-nagpuri-lyricist-madhu-mansoori-hasmukh-and-chhau-guru-shashadhar-acharya-received-padma-shri-award/">झारखंड

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भावना, स्थायी लोक अदालत, सदस्य ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में बताना है. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची एवं जिला राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम के तहत आपलोगों को आपके अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाएगी. महिलाएं जागरूक होंगी, तो वह अपने अधिकारों को जान सकेंगी. इसे भी पढ़ें-शाम">https://lagatar.in/evening-news-diary-08-november-yamuna-became-poisonous-ansal-brothers-imprisoned-for-7-years/">शाम

की न्यूज डायरी।08 नवंबर। यमुना हुई जहरीली। अंसल बंधुओं को 7 साल कैद। टीम इंडिया पर क्यों भड़के कपिलदेव। 4 छठ घाटों पर NDRF तैनात। रिम्स की लिफ्ट हुई जानलेवा। बिहार के अलावा कई वीडियो।
सत्र को आगे बढ़ाते हुए भावना एवं मनीषा ने उपस्थित आंगनबाड़ी सहिया-सेविका को महिलाओं के अधिकार जैसे- सामान वेतन का अधिकार, गरिमा और शालीनता का अधिकार, कार्यस्थल उत्पीड़न का अधिकार, घरेलू हिंसा का अधिकार, महिला यौन उत्पीड़न पीड़ितों को अपनी पहचान गुमनाम रखने का अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार, रात्रि में गिरफ्तार होने पर अधिकार, वर्चुअल माध्यम से शिकायत दर्ज करने का अधिकार, अशोभनीय प्रतिनिधित्व पर अधिकार, महिलाओं का पीछा किये जाने पर अधिकार. इसके अलावा शून्य प्राथमिकी के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया. [wpse_comments_template]  

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