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ओपन इलेक्टिव की परीक्षा में पूछे गए आउट ऑफ सिलेबस सवाल, परीक्षा रद्द करने की मांग

Hazaribagh : विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के बॉटनी के छात्र-छात्राओं ने ओपन इलेक्टिव परीक्षा का विरोध किया है. स्नातकोत्तर के सत्र 2021-23 के परीक्षार्थी आउट ऑफ सिलेबस से सवाल पूछे जाने का विरोध किया और जबरन परीक्षा हॉल में घंटों बैठाने का आरोप परीक्षा नियंत्रक और विनोबा भावे प्रशासन पर लगाया है. छात्र-छात्राओं ने कहा कि बुधवार की अपराह्न 1:30 बजे से बॉटनी विषय के ओपन इलेक्टिव की परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा तीन घंटे की थी, जिसमें 40 विद्यार्थी शामिल हुए थे. शुरुआती दौर में 10 मिनट विलंब से प्रश्न पत्र परीक्षार्थियों को दिए गए. जब परीक्षार्थियों ने ओपन इलेक्टिव का प्रश्न पढ़ा, तो आउट ऑफ सिलेबस बताया. इसे भी पढ़ें: विराट">https://lagatar.in/virat-kohli-reached-vrindavan-with-wife-anushka-also-took-blessings-of-baba-neem-karori/">विराट

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जबरन परीक्षा हॉल में बैठाने का केंद्राधीक्षक पर आरोप

जब परीक्षार्थियों ने विरोध किया तो केंद्र अधीक्षक डॉ. पंकज मांझी पर जबरन परीक्षा हॉल में बैठाने का आरोप लगाया और कहा कि तीन घंटे समय पूरा करने के बाद ही परीक्षा हॉल से विद्यार्थी बाहर जाएंगे. परीक्षार्थियों ने मांग की है कि पेपर को रद्द किया जाए और नए सिरे से परीक्षा कराई जाए.

प्रश्नपत्र की जांच के बाद आगे की कार्रवाई का आश्वासन

मामले को लेकर केंद्र अधीक्षक ने कहा कि किसी प्रकार की कोई शिकायत या विरोध प्रदर्शन नहीं किया गया है. हालांकि विद्यार्थियों ने लिखित शिकायत विनोबा भावे विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक और प्रशासन को दी है. परीक्षा नियंत्रक गौरीशंकर तिवारी ने कहा कि बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष और संबंधित शिक्षकों से प्रश्न पत्र की जांच कराई जाएगी, जिसके बाद किसी प्रकार का निर्णय लिया जाएगा. इसे भी पढ़ें: एक">https://lagatar.in/one-crore-prize-patiram-manjhi-8-naxalites-including-3-women-of-misir-besra-squad-surrendered/">एक

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