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भारत एजुकेशन समिट में देशभर से 200 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों ने की भागीदारी

Ranchi/ Chandigarh : चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (CIPU) द्वारा आयोजित दो दिवसीय तृतीय भारत हायर एजुकेशन समिट का सफलतापूर्वक समापन हो गया. सम्मेलन में देशभर के 200 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
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Ranchi/ Chandigarh : चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (CIPU) द्वारा आयोजित दो दिवसीय तृतीय भारत हायर एजुकेशन समिट का सफलतापूर्वक समापन हो गया. सम्मेलन में देशभर के 200 से अधिक निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर शामिल हुए. वहीं, पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव भास्कर चटर्जी (आईएएस), सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर बलविंदर सिंह संधू, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रविराज सीतारमण, एमआईटी-डब्ल्यूपीयू पुणे के एक्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट एवं सीआईपीयू के संस्थापक राहुल कराड और सीआईपीयू अध्यक्ष एवं सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक समेत कई शिक्षाविद और नीति-निर्माता मौजूद रहे.


सम्मेलन का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047” रहा. वक्ताओं ने विश्वविद्यालयों की भूमिका को राष्ट्रीय विकास, नवाचार, कौशल विकास और मानव संसाधन निर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में रेखांकित किया.


अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती उपयोगिता पर चर्चा की. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लाभों का उल्लेख करते हुए पारंपरिक शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान होगा.


सीआईपीयू के संस्थापक राहुल कराड ने नवाचार आधारित शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि आने वाले समय में नवाचार छात्रों के विकास और अवसरों के विस्तार का प्रमुख आधार बनेगा.


प्रो. गोपाल पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सभी विश्वविद्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए. उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता भी बताई.


इस अवसर पर सरला बिरला विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, कुलपति प्रो. सी. जगन्नाथन और राज्यसभा सांसद एवं निदेशक (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं.

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