Pakur: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सामाजिक सुदृढ़ता की ओर बढ़ते कदम का प्रमाण है कि, जिले के सेविका-सहायिका के लिए चयनित 83 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया है. ये सेविका और सहायिका व्यवस्था का एक हिस्सा बनकर ‘हंसता बचपन, खिलता बचपन’ का आधार बनेंगी. समाज के विकास में योगदान देंगी. साथ ही महिला सशक्तिकरण के तौर पर सशक्त महिला की पहचान समाज पेश करेंगी.
शहर के रवींद्र भवन टाउन हॉल में मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. यह आयोजन जिला समाज कल्याण विभाग की ओर से किया गया. जहां, 83 अभ्यर्थियों को सेविका-सहायिका नियुक्ति पत्र सौंपा गया.
समारोह का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी, स्थापना उप समाहर्ता त्रिभुवन कुमार सिंह, बीडीओ दिलीप टुडु, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद, झामुमो नेत्री उपासना मरांडी ने संयुक्त रूप से किया.
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी सेवाओं की भूमिका, प्रशिक्षण की प्रक्रिया और भविष्य के कार्यप्रणाली की जानकारी भी गई. सभी चयनित सेविका-सहायिका को पहले प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. जिसके बाद उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों का जिम्मा सौंपा जाएगा.
उपायुक्त ने कहा कि यह नियुक्ति केवल प्रमाण-पत्र नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने नवनियुक्त सदस्यों से योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंदों तक पहुंचाने, तकनीक आधारित कार्य प्रणाली अपनाने और पूरी निष्ठा व जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपील की.
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक व्यवस्था का केंद्र हैं. उन्होंने सभी से जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्व निर्वहन की अपील की.
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