Pakur: पाकुड़ में रेलवे ने माल ढुलाई को आधुनिक बनाने का खाका तैयार किया है. जिसमें ट्रैक की गति, लोडिंग क्षमता में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने और तीसरी-चौथी रेल लाइन के निर्माण की तैयारी के साथ पाकुड़ को पूर्व रेलवे के फ्रेट हब के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है.
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संकेत यह भी मिला है कि भविष्य में परिचालन क्षमता बढ़ने पर दिल्ली समेत लंबी दूरी की ट्रेनों का विस्तार पाकुड़ तक किया जा सकता है. गुरुवार को मालपहाड़ी रेलवे साइडिंग का पूर्व रेलवे, हावड़ा के महाप्रबंधक मिलिंद के. देऊसकर ने निरीक्षण किया. देऊसकर ने कहा कि एक वर्ष पहले साइडिंग की स्थिति बेहद खराब थी. एक रैक को तीन-चार हिस्सों में खड़ा कर लोडिंग करानी पड़ती थी, जिससे रोल-डाउन जैसी घटनाएं होती थीं.
उन्होंने बताया कि अब एक पूरी रैक को एक साथ खड़ा कर व्यवस्थित तरीके लोडिंग कराई जा रही है. अगले कुछ महीनों में साइडिंग ट्रैक पर ट्रेनों की गति वर्तमान 10-15 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर करीब 40 KMPH कर दी जाएगी. जिसके चलते रैक की प्लेसमेंट और डिस्पैच दोनों तेज होंगे तथा पाकुड़ की स्टोन लोडिंग में 15 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि होगी.
महाप्रबंधक के मुताबिक, साहेबगंज लूप की तीसरी एवं चौथी रेल लाइन तथा बरहड़वा-मालदा चौथी लाइन परियोजना स्वीकृति के अंतिम चरण में है. भूमि अधिग्रहण होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पाकुड़-गोड्डा नई रेल लाइन को अभी स्वीकृति नहीं मिली है. लेकिन तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद परिचालन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा. साथ ही भविष्य में दिल्ली सहित अन्य महानगरों से आने वाली ट्रेनों को पाकुड़ तक विस्तार किया जा सकता है.
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