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पलामूः हैदरनगर में 8.6 एकड़‘शत्रु संपत्ति’नीलाम

दरअसल, 1969 में एक परिवार पाकिस्तान चला गया था. बाद में उस परिवार की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था. इसी संपत्ति को नीलाम किया गया है.
 

Medininagar : पलामू जिले में मौजूद देश की‘शत्रु संपत्ति’नीलाम कर दी गई है. जिले के हैदरनगर अंचल के मोकहर कला गांव के करीमनडीह में 11 प्लॉट को देश के लिए‘शत्रु संपत्ति’माना गया था. भारत सरकार के ‘शत्रु संपत्ति’अभिरक्षक, कोलकाता के आदेशनुसार करीब 8.6 एकड़ संपत्ति की नीलामी की गई. यह नीलामी गृह मंत्रालय की तरफ से की गई है.

दरअसल, 1969 में एक परिवार पाकिस्तान चला गया था. बाद में उस परिवार की संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था. इसी संपत्ति को नीलाम किया गया है. 2024 में शत्रु संपत्ति अभिरक्षक, कोलकाता की एक टीम हैदरनगर पहुंची थी और शत्रु संपत्ति से संबंधित जमीन की मापी की थी. मापी के बाद जमीन की घेराबंदी भी की गई थी. गुरुवार को ई-नीलामी के माध्यम से जमीन की बिक्री की गई. हैदरनगर के सीओ संतोष कुमार ने बताया कि उक्त जमीन शत्रु संपति काफी पहले घोषित की गई थी.

1969 में भाई व बहन के बीच संपत्ति का हुआ था बंटवारा

1969 में हैदरनगर के मोकहर कला में जहांगीर और उनकी बहन के बीच जमीन का बंटवारा हुआ था. जहांगीर ने एक स्थानीय व्यक्ति के नाम जमीन रजिस्ट्री कर दी थी. उसकी बहन ने भी कुछ लोगों को  जमीन रजिस्ट्री की थी. बाद में सरकार ने जहांगीर की संपत्ति को शत्रु संपत्ति माना. जमीन बेचने के बाद जहांगीर की बहन भारत में रह गई थी. मोकहर कला के मुखिया पति नवाजिश खान ने बताया कि 1969 में जहांगीर पाकिस्तान चले गए. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले लोगों को जानकारी मिली कि उनकी संपत्ति को शत्रु संपत्ति घोषित किया गया है.

23 जून को अंचल कार्यालय में चस्पा की नीलामी की सूचना

ग्रामीणों का कहना है कि 22 जून को शत्रु संपत्ति के नीलामी में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी. लेकिन 23 जून को इससे संबंधित पोस्टर अंचल कार्यालय में लगाया गया. स्थानीय समाजसेवी रिजवान खां ने बताया कि जान-बूझकर सूचना छुपाई गई. उन्होंने बताया कि अंचल कार्यालय में 23 जून को पोस्टर लगाया गया, जबकि 22 जून को रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि थी.

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