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पलामू : लाखों की लागत से बना सामुदायिक उप स्वास्थ्य केंद्र, विभागीय लापरवाही से बना शोभा की वस्तु

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Palamu : विश्रामपुर प्रखंड के तोलरा गांव में एक साल पहले स्वास्थ्य भवन का निर्माण किया गया था. जिसमें लाखों रुपये खर्च कर निर्माण कराया गया था. लेकिन इस भवन का उपयोग आज तक नहीं हो पाया है. यह तोलरा गांव में मात्र एक शोभा की वस्तु बनकर रह गयी है. इसका सबसे बड़ा कारण विभागीय उदासीनता है. एक साल बीत जाने के बाद भी यहां अभी तक डॉक्टरों को पदस्थापित नहीं किया गया है. और ना ही कोई एएनएम ड्यूटी पर आयी है. इसे भी पढ़ें - पंजाब,">https://lagatar.in/announcement-of-elections-in-five-states-including-punjab-up-in-the-first-half-of-january-ec-visit-from-tomorrow/">पंजाब,

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हेमंत सरकार ने नहीं दिखायी गंभीरता 

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी के कार्यकाल में क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति मिली थी. साथ ही उनके कार्यकाल में ही भवन का निर्माण भी पूरा हो गया था. लेकिन सरकार के बदलने के कारण इस भवन में आज सन्नाटा पसरा हुआ है. हेमंत सरकार ने इसपर गंभीरता नहीं दिखायी है.जिस कारण लाखों की लागत से बने भवन की दीवारों पर पौधे उग आये है. साथ ही भवन और उसके आस- पास गंदगी का अंबार लगा हुआ है. इसे भी पढ़ें -किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-birhor-of-noamundi-block-struggling-to-save-its-culture-and-forest-based-employment/">किरीबुरु

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स्थानीय मुखिया द्वारा भी नहीं उठाया जा रहा कदम 

कोरोना के समय स्वास्थ्य विभाग के द्वारा गांव में वैक्सीनेशन आदि की व्यवस्था की गई है. जो स्वास्थ्य भवन में भी कैंप कर लगा कर की  जा सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाने से परिसर की नियमित साफ-सफाई होती रहती. इसके प्रति स्थानीय मुखिया भी गंभीर नहीं हुए. जो शिकायत विभागीय अधिकारियों से कर व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रयास करें. जिस कारण आज भी लोग छोटी बीमारियों के लिए ग्रामीण डॉक्टर पर ही आश्रित है. गंभीर बीमारियों के लिए बाहर जाना पड़ता है. विभागीय उदासीनता के कारण लोगों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ता है.  सरकार और विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए. जिससे लोगों को स्वास्थ्य सम्बंधित इलाज हेतु समुचित व्यवस्था मिल सके. ताकि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ सुदूर ग्रामीण क्षेत्र रहने वाले लोगों को भी मिल सके. इसे भी पढ़ें -16-17">https://lagatar.in/withdraw-the-strike-of-december-16-17-many-banks-including-sbi-appealed-to-the-unions-called-for-talks/">16-17

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