घर में एकलौते बेटे थे सुजीत कुमार पांडेय
बता दें कि सुजीत कुमार पांडेय के पिता केंद्रीय बल में कार्यरत हैं. वो घर के एकमात्र चिराग थे. उनकी मृत्यु की खबर सुनकर परिजन सहित पूरे इलाके में गम का माहौल बना हुआ है. वहीं मौत की खबर सुनते ही लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी. बता दे कि विदेशी पांडे छात्रों की समस्याओं एवं मांगों को लेकर हमेशा मुखर व आंदोलनरत रहते थे. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जैसे ही मौत की खबर आई हर वर्ग के लोगों में शोक की लहर देखने को मिली. विदेशी पांडे छात्रों में काफी लोकप्रिय थे. छात्रों की समस्याओं को जब तक सुलझा नहीं लेते थे तब तक संघर्षरत रहते थे. उनके निधन से छात्र जगत को अपूरणीय क्षति हुई है.इन लोगों ने दी श्रद्धांजलि
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता केडी सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव रुचिर कुमार तिवारी, सूर्यपत सिंह, इप्टा के प्रेम प्रकाश, झारखंड पत्रकार संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अवधेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष अश्विनी कुमार समेत कई संगठनों ने उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है. इसे भी पढ़ें: SC">https://lagatar.in/sc-gives-verdict-on-membership-of-mlas-of-shinde-faction-now-seven-judges-bench-will-hear/">SCने शिंदे गुट के विधायकों की सदस्यता पर सुनाया फैसला, अब सात जजों की बेंच करेगी सुनवाई [wpse_comments_template]

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