Medininagar: पलामू के सदर अंचल क्षेत्र के चियांकी गांव में 9 जुलाई को हुई कथित मारपीट और बुलडोजर कार्रवाई का मामला अब न्यायालय पहुंच गया है. घटना की पीड़िता चिंता कुमारी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम-सह-विशेष न्यायालय (एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम), पलामू के समक्ष परिवाद दायर कराया है.
परिवाद में सदर अंचल अधिकारी जागा महतो, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडे, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, एनएच पदाधिकारी सुबोध शर्मा, सूरज कुमार, सतीश मेहता, राकेश सिंह, आदित्य प्रकाश और एसआई सुजीत पांडे समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है.
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परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रुचिर कुमार तिवारी के अनुसार, परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 9 जुलाई को आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिजनों के साथ कथित रूप से मारपीट की. आरोप है कि धांगर-उरांव जनजाति से संबंधित होने के कारण जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया.
परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि बुलडोजर से पीड़िता का घर ध्वस्त कर दिया गया. इस कार्रवाई में घर में रखा चावल, दाल और अन्य घरेलू सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति क्षतिग्रस्त और नष्ट होने का दावा किया गया है.
अधिवक्ता ने बताया कि घटना के बाद पीड़िता ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए सदर थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी.
अधिवक्ता के अनुसार, विशेष न्यायालय ने परिवाद को स्वीकार करते हुए मामले का निबंधन कर लिया है. अब मामले में विधि-सम्मत आगे की कार्रवाई और सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई है.
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