Medininagar : पलामू जिले के लेस्लीगंज प्रखंड के ओरिया कला गांव में शनिवार को किसान-वैज्ञानिक मिलन सह कृषक गोष्ठी का आयोजन हुआ. इसमें कम बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों और आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी गई. गोष्ठी में डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत भी शामिल हुए और किसानों से संवाद किया.
उन्होंने कहा कि कम बारिश की स्थिति में किसानों को केवल धान की खेती पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, रागी, सोयाबीन और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों पर ध्यान देने की जरूरत है. रागी की खेती के लिए किसानों को प्रति एकड़ 3000 रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है.
उन्होंने कम बारिश वाले राजस्थान का उदाहरण देते हुए किसानों से आधुनिक तकनीक और जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की. टपक सिंचाई, सौर ऊर्जा आधारित पंपसेट और कृषि यंत्रीकरण की योजनाओं का लाभ लेने पर भी जोर दिया. कहा कि किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, फल-फूल और सब्जी उत्पादन को भी अपनाएं. खेती-किसानी को केवल आजीविका नहीं, बल्कि व्यवसाय के रूप में देखें.
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, प्रखंड के एटीएम,जिला परिषद सदस्य विजय राम,मुखिया प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
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