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Palamu News : पलामू में APAAR ID निर्माण की रफ्तार धीमी,46 हजार छात्र अब भी सिस्टम से बाहर

Medininagar : पलामू जिले में APAAR ID निर्माण अभियान लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है. बुधवार तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले में 97,011 छात्रों का APAAR ID बनाना था, अब तक केवल 51,112 का ही बना है, जो 52.69 प्रतिशत है. 45,899 से अधिक छात्र अभी भी APAAR ID से वंचित हैं. जून में अब तक 14,591 नए APAAR ID बनाए गए हैं. इसके बावजूद कई प्रखंडों में प्रगति की रफ्तार काफी धीमी है.

 

जिले के कई बड़े प्रखंड अब भी 50 प्रतिशत के आसपास या उससे नीचे हैं. डालटनगंज जैसे शहरी क्षेत्र में 12,333 लक्ष्य के विरुद्ध 6,103 APAAR ID बन सके हैं और उपलब्धि 49.49 प्रतिशत पर है. इसी प्रकार छतरपुर में 48.68%, हैदरनगर में 47.65%, तरहसी में 45.98%, पांकी में 44.76%, सतबरवा में 44.75%, रामगढ़ में 43.45% और पाटन में 42.97% उपलब्धि दर्ज की गई है. वहीं, लेस्लीगंज, मनातू, पिपरा व नावाबाजार प्रखंड की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहां उपलब्धि 40 प्रतिशत के आसपास या उससे नीचे है.

 

कुछ प्रखंडों के बेहतर प्रदर्शन से संभला जिला औसत

 

जिले का औसत 50 प्रतिशत के ऊपर पहुंचने में कुछ प्रखंडों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. हरिहरगंज ने 92.76 प्रतिशत उपलब्धि के साथ जिले में पहला स्थान हासिल किया है. इसके अलावा पंडवा में 81.87 प्रतिशत, नवडीहा बाजार में 73.31 प्रतिशत, उंटारी रोड में 70.17 प्रतिशत और पांडू में 69.06 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है. विश्रामपुर, हुसैनाबाद और मोहम्मदगंज ने भी 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य पूरा कर लिया है. इन प्रखंडों के बेहतर प्रदर्शन के कारण जिले की समग्र स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई दे रही है.


छात्रों की डिजिटल शैक्षणिक पहचान है APAAR ID


APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) केंद्र सरकार की 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' पहल है. इसके तहत प्रत्येक छात्र को 12 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या दी जाती है. नई शिक्षा नीति 2020 के तहत यह आईडी छात्र के पूरे शैक्षणिक जीवन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का काम करती है. APAAR ID के माध्यम से छात्र की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति, प्रमाण पत्र, कौशल प्रशिक्षण और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों का रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहता है. स्कूल बदलने या उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान भी छात्रों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता कम हो जाती है.

 


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