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Palamu News : रेलवे ट्रैक बना मौत का गलियारा, इस साल अब तक एक दर्जन से अधिक घटनाएं

डालटनगंज-गढ़वा रेलखंड, केचकी, चियांकी, जपला व मेदिनीनगर शहर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं. हालांकि, कई बार अपनी गलती व जानबूझकर ट्रेन के नीचे आने से भी लोगों की मौत हुई है.
 
रेलवे ट्रैक पर पड़ा शव व जांच करती पुुलिस (फाइल फोटो).

Rewti Raman 


Medininagar : पलामू जिले में रेलवे ट्रैक पर हादसों, आत्महत्या व संदिग्ध मौतों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस वर्ष अब तक रेलवे ट्रैक व ट्रेन से जुड़े हादसों के एक दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. इनमें कई लोगों की मौत हुई, जबकि कई घायल हुए हैं. डालटनगंज-गढ़वा रेलखंड, केचकी, चियांकी, जपला व मेदिनीनगर शहर क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं. हालांकि, कई बार अपनी गलती व जानबूझकर ट्रेन के नीचे आने से भी लोगों की मौत हुई है.


पलामू के केचकी और चियांकी क्षेत्र में इस वर्ष रेलवे हादसों की संख्या तेजी से बढ़ी है. तीन दिन पहले केचकी रेलवे ओवरब्रिज के पास एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी. वहीं, चियांकी स्टेशन के समीप एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला था. उसके पास से रेलवे टिकट मिला था, जिससे ट्रेन से गिरने की पुष्टि हुई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि डालटनगंज-गढ़वा रेलखंड में बड़ी संख्या में लोग सीधे रेलवे ट्रैक पार करते हैं. कई जगहों पर सुरक्षा घेराबंदी और फुटओवरब्रिज की व्यवस्था नहीं होने से हादसों का खतरा लगातार बना रहता है.

 

 

रेलवे ट्रैक पर मिल रहे शवों ने बढ़ाई चिंता

 

रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की घटनाओं ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है. 29 मार्च को शहर थाना क्षेत्र के कांदु मोहल्ला स्थित रेलवे ट्रैक पर 70 वर्षीय राधा देवी का शव बरामद किया गया था. शुरुआती जांच में ट्रेन की चपेट में आने की आशंका जताई गई थी. 6 अप्रैल को हैदरनगर में रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति का शव मिला था. शव की स्थिति देखकर आशंका जताई गई थी कि वह ट्रेन की चपेट में आया होगा. पहचान नहीं होने के कारण पुलिस को जांच में परेशानी हुई. वहीं अप्रैल में ही हमीदगंज के रहने वाले अधेड़ की बीस्फुटा के समीप रेल से कट कर मौत हो गई थी.,


आत्महत्या और ट्रेन से गिरने के मामलों में भी इजाफा

 

अप्रैल में जपला रेलवे स्टेशन के पास बिहार के मोतिहारी निवासी उमंग कुमार की चलती ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी. युवक गंभीर हालत में रेलवे ट्रैक किनारे मिला था. अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था. वहीं, 10 मई को डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर 30 वर्षीय रंजीत कुमार दुबे ने मालगाड़ी के आगे पटरी पर लेटकर आत्महत्या कर ली थी. घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी. परिजनों के अनुसार वह लंबे समय से बेरोजगारी और डिप्रेशन से परेशान था. 13 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र के पिपराही में बिट्टू कुमार सिंह का शव रेलवे ट्रैक से बरामद किया गया था. जानकारी के अनुसार, उसने प्रेम प्रसंग में हत्या की और खुद ट्रेन के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

 

हत्या कर शव को ट्रैक पर फेंक देते हैं अपराधी

 

पलामू में कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें रेलवे ट्रैक के आसपास संदिग्ध हालत में शव मिले. अपराधी कई बार साक्ष्य मिटाने के लिए शव को रेलवे लाइन पर डाल देते हैं, ताकि मामला ट्रेन हादसा लगे.बीते वर्ष अगस्त में सदर थाना के जोगियाही में 22 वर्षीय युवक का शव क्षत विक्षत अवस्था में रेलवे ट्रैक पर मिला था.जांच में सामने आया कि उसकी विवाहित प्रेमिका के परिजनों ने मौत के घाट उतार दिया.वहीं जनवरी में एक युवक कीकांदु मोहल्ला में पत्थर से कूच हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था.दोनों मामलों में शव हत्या को हादसा दिखाने के लिए आरोपियों ने शव को रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया.कई मामलों में शव क्षत-विक्षत हालत में मिलने से पहचान और जांच दोनों प्रभावित होती हैं.


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