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पलामूः ऑनलाइन गेमिंग ठग गिरोह का भंडाफोड़, 7 साइबर अपराधी गिरफ्तार

सूचना मिली थी कि हुसैनाबाद स्थित अनिल कुमार विश्वकर्मा के तीन मंजिला मकान में कुछ युवक पिछले कई दिनों से ठहरे हुए हैं, जो ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी के माध्यम से ठगी कर रहे हैं. इस सूचना पर पलामू एसपी के निर्देश पर छापेमारी टीम का गठन किया गया.
 

Medininagar : पलामू जिले की हुसैनाबाद थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. हुसैनाबाद एसडीपीओ को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विशेष छापामारी टीम (SIT) ने तीन मंजिला मकान में छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. सूचना मिली थी कि हुसैनाबाद स्थित अनिल कुमार विश्वकर्मा के तीन मंजिला मकान में कुछ युवक पिछले कई दिनों से ठहरे हुए हैं, जो ऑनलाइन गेमिंग व सट्टेबाजी के माध्यम से ठगी कर रहे हैं. इस सूचना पर पलामू एसपी के निर्देश पर छापेमारी टीम का गठन किया गया.

छापामारी टीम ने मकान की तीसरी मंजिल के दो अलग-अलग कमरों में 7 युवकों को ऑनलाइन गेमिंग करते रंगे हाथ दबोच लिया. पकड़े गए युवकों में छत्तीसगढ़ के भिलाई का राहुल सिंह लोधी, बिहार के औरंगाबाद के सुजित कुमार विश्वकर्मा, अजित कुमार उर्फ अजित विश्वकर्मा, रोहित कुमार सिंह उर्फ राजा, झारखंड के बोकारो का जुबेर अंसारी, रामगढ़ का अयाज आलम उर्फ टिंकू व रांची का अक्षय कुमार कुंडू शामिल हैं. उनके पास से कई महंगे मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की डायरी, जियो फाइबर राउटर सहित कुल 31 आइटम बरामद किए गए हैं.


रोजाना 7-8 लाख रुपये का अवैध कारोबार


पूछताछ में सभी ने स्वीकार किया कि वे महादेव बेटिंग एप से जुड़े “Khelooyaar.site” प्लेटफॉर्म की Franchise ID-141 चलाते थे. पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर थान ले आई. गिरफ्तार युवकों ने पुलिस को बताया कि वे ग्राहकों से ऑनलाइन रुपये लेकर टोकन मनी देते थे और जीत-हार के आधार पर लेन-देन करते थे. इस नेटवर्क के माध्यम से प्रतिदिन 7 से 8 लाख रुपये तक का अवैध कारोबार कर रहे थे, जिसमें 70% राशि प्रमोटर और 30% फ्रेंचाइजी को मिलती थी.


ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर करते थे ठगी


गिरोह भोले-भाले ग्रामीणों को पैसे का लालच देकर उनके दस्तावेज से बैंक खाता खुलवाता था और एटीएम, पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रख लेता था. इन्हीं फर्जी खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी. पूछताछ में यह भी उजागर हुआ कि पूरे नेटवर्क को तीन मुख्य आरोपी छत्तीसगढ़ के भिलाई के शेल्वी उर्फ मनीष, औरंगाबाद के राजन कुमार सिंह व प्रवीण भैया संचालित करते हैं. छापामारी में एसडीपीओ हुसैनाबाद एस मोहम्मद याकूब, हुसैनाबाद थाना, हैदरनगर थाना व देवरी ओपी के कई पुलिस अधिकारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.


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