गौतम बुद्ध बीएड कॉलेज में पैरेंट्स टीचर्स मीटिंग अभिभावक बच्चों पर निगाह रखें, प्रशिक्षु नियमित कक्षाएं करें : मनोज कुमार यह संस्थान अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है : मिथिलेश मिश्र Hazaribagh : गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय मुकुंदगंज, हजारीबाग में गुरुवार को पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग हुई. इसमें अभिभावकों ने अपनी राय रखी. इस पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से उनके सुझावों पर आत्मसात करने का भरोसा दिया गया. अभिभावक अजय मिश्रा ने इस कॉलेज की सभी गतिविधियों पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि उनके परिवार के सात लोगों ने गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय से बी.एड. की ट्रेनिंग ली और सभी आज नौकरी में हैं. क्लेमेंट टुडू ने कहा कि 2007 से पहले वह सोचते थे कि अगर यहां बीएड कॉलेज होता, तो उन्हें अपने बच्चे को बाहर नहीं भेजना पड़ता. गौतम बुद्ध बीएड कॉलेज ने उनका और उनके बच्चों का सपना पूरा किया. अन्य अभिभावकों ने भी कॉलेज की गुणवत्ता आधारित प्रशिक्षण व विभिन्न गतिविधियों को सराहा और यहां अपने बच्चों के नामांकन पर खुशी जाहिर की. इसे भी पढ़ें:RTI">https://lagatar.in/case-not-taking-admission-under-rti-government-said-in-hc-that-notice-has-been-sent-dps/">RTI
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बच्चों पर अभिभावक रखें ध्यान- मनोज कुमार
मौके पर कॉलेज प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने समीक्षात्मक मंथन करते हुए संस्थान और प्रशिक्षुओं से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं और गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों को दी. उन्होंने अभिभावकों से प्रशिक्षण के दौरान बच्चों पर निगाह रखने और प्रशिक्षुओं को नियमित कक्षाएं करने की बात कही. साथ ही इसके सकारात्मक पहलुओं से भी अभिभावकों को अवगत कराया. उन्होंने कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों, पाठ्यक्रम, परीक्षा, प्राप्त होने वाले अंक, प्लेसमेंट सेल समेत जीवन में अनुशासन की भूमिका के बारे में विस्तार से समझाया.alt="" width="600" height="340" />
विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अभिभावक की भूमिका महत्वपूर्ण
इससे पहले विषय प्रवेश कराते हुए कॉलेज प्रबंधन समिति के सचिव मिथिलेश मिश्र ने कहा कि यह महाविद्यालय अपनी गुणवत्ता के लिए जाना जाता है. उन्होंने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में अभिभावकों की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षक वही बन सकते हैं, जिनमें बच्चों के मनोभाव को पढ़ने की क्षमता हो और यही बातें इस कॉलेज में प्रशिक्षुओं को सिखाई जाती हैं. प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार यादव ने कहा कि बच्चों के पहले शिक्षक अभिभावक होते हैं. ऐसे में प्रशिक्षुओं के भविष्य निर्माण में अभिभावक, मार्गदर्शक और कॉलेज प्रबंधन का अहम योगदान होता है. अभिभावक प्रशिक्षण से प्रशिक्षुओं में हो रहे बेहतर बदलाव का अवलोकन अवश्य करें. इसे भी पढ़ें:चांडिल">https://lagatar.in/chandil-chhau-dance-will-create-a-buzz-in-the-g-20-meeting-to-be-held-in-ranchi/">चांडिल: रांची में होने वाले जी-20 की बैठक में मचेगी छऊ नृत्य की धूम
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