NewDelhi : केंद्र सरकार मॉनसून सत्र के दौरान लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने के लिए संविधान संशोधन बिल फिर से ला सकती है. इस खबर पर कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने रिएक्ट करते हुए कहा कि वे(मोदी सरकार) 130वां संविधान संशोधन बिल लाने की कोशिश करेंगे, जिसका हम विरोध करेंगे.
रमेश ने कहा कि यह एक खतरनाक बिल है, इसे 2025 के प्रथम चरण में पेश किया गया था. बाद में इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया था. उन्होंने कहा कि इस बिल का ज़्यादातर विपक्षी दलों ने बहिष्कार किया था. इसमें कहा गया है कि अगर कोई मंत्री किसी ऐसे आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक जेल में रहता है जिसमें पांच साल से ज़्यादा की सज़ा हो सकती है, तो 31वें दिन उसे पद से हटा दिया जाएगा.
जयराम रमेश ने कहा कि उनका मानना है कि जब तक कोई दोषी साबित न हो जाये, तब तक व्यक्ति को निर्दोष माना जाता है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि परिसीमन बिल 17 अप्रैल को एक विशेष सत्र के दौरान लाया गया था, उन्हें परिसीमन संशोधन के लिए केवल 298 सांसदों का समर्थन मिला था. 17 अप्रैल से वे टीएमसी और शिवसेना को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. यह टीएमसी के साथ-साथ पूरे विपक्ष के लिए भी एक झटका है. जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वे राजनीतिक दलों को तोड़ रहे हैं.
जान लें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक लोकसभा और राज्यसभा का सत्र बुलाने पर कल मुहर लगा दी. मानसून सत्र के हंगामेदार होने के कयास लग रहे हैं. इसके कारण मौजूद हैं. सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार के प्रस्तावित संशोधन विधेयक(30 दिनों तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों को अपने पदों से इस्तीफा देना होगा) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में संसद में दिये बयान पर विपक्ष के तेवर तल्ख हो सकते हैं.
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