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पार्थ के वकील और उनके सहयोगी लगातार उनके संपर्क में हैं
जानकारी के अनुसार जेल जाने के बाद से पार्थ के वकील और उनके सहयोगी लगातार उनके संपर्क में हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पार्थ चटर्जी की वकील सुकन्या भट्टाचार्य ने मंगलवार को दो किताबें श्रीश्री रामकृष्ण कथामृत और अमानीबास प्रेसीडेंसी जेल भेजी हैं. यह किताबें वकील सुकन्या ने पार्थ के घर से मंगाई हैं. इसे भी पढ़ें : क्या">https://lagatar.in/is-elon-musk-preparing-to-buy-twitter-then-sold-7-9-million-shares-of-tesla/">क्याट्विटर को खरीदने की तैयारी में है एलन मस्क, फिर बेचे टेस्ला के 79 लाख शेयर
महेंद्रनाथ गुप्ता और महाश्वेता देवी की हैं किताबें
पार्थ को जेल में भेजी गयी किताब श्री श्री रामकृष्ण कथामृत महेंद्रनाथ गुप्ता ने लिखी है, जो रामकृष्ण परमहंस से संबंधित है. अमानीबास महाश्वेता देवी ने लिखा है. जानकारी के अनुसार पार्थ ने पहले अपने वकीलों से कुछ किताबें भेजने के लिए कहा था, जिन्हें वह जेल में बंद रहते हुए पढ़ सकें. खबर है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पार्थ को किताबें मुहैया कराई थी. इसे भी पढ़ें : बोले">https://lagatar.in/gadkari-said-i-always-tell-bureaucrats-the-government-will-run-according-to-us-not-according-to-you/">बोलेगडकरी, ब्यूरोक्रेट्स से हमेशा कहता हूं, सरकार आपके हिसाब से नहीं, हमारे अनुसार चलेगी

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