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जेल जाने के बाद धार्मिक हो गये पार्थ चटर्जी, श्रीश्री रामकृष्ण कथामृत पढ़ रहे हैं, जेल के अनुभव लिखने की इच्छा है

Kolkata : SSC Scam फंसे पश्चिम बंगाल की प्रेसीडेंसी जेल में बंद बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी इन दिनों धार्मिक हो गये हैं. खबर हैकि वे अपना समय धार्मिक किताबें पढ़कर काट रहे हैं. हालांकि उन्हें कोई विशेष सुविधा नहीं दी गयी है.पार्थ के वकील के अनुसार, वह सामान्य कैदी की तरह जेल में समय बिता रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें कानून और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.कहा कि हम कानूनी रूप से लड़ेंगे और वह एक दिन खुद को बेगुनाह साबित करेंगे. इसे भी पढ़ें : भीमा">https://lagatar.in/supreme-court-gives-relief-to-accused-dr-p-varavara-rao-in-bhima-koregaon-violence-case-gets-regular-bail/">भीमा

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पार्थ के वकील और उनके सहयोगी लगातार उनके संपर्क में हैं

जानकारी के अनुसार जेल जाने के बाद से पार्थ के वकील और उनके सहयोगी लगातार उनके संपर्क में हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार पार्थ चटर्जी की वकील सुकन्या भट्टाचार्य ने मंगलवार को दो किताबें श्रीश्री रामकृष्ण कथामृत और अमानीबास प्रेसीडेंसी जेल भेजी हैं. यह किताबें वकील सुकन्या ने पार्थ के घर से मंगाई हैं. इसे भी पढ़ें :  क्या">https://lagatar.in/is-elon-musk-preparing-to-buy-twitter-then-sold-7-9-million-shares-of-tesla/">क्या

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महेंद्रनाथ गुप्ता और महाश्वेता देवी की हैं किताबें

पार्थ को जेल में भेजी गयी किताब श्री श्री रामकृष्ण कथामृत महेंद्रनाथ गुप्ता ने लिखी है, जो रामकृष्ण परमहंस से संबंधित है. अमानीबास महाश्वेता देवी ने लिखा है. जानकारी के अनुसार पार्थ ने पहले अपने वकीलों से कुछ किताबें भेजने के लिए कहा था, जिन्हें वह जेल में बंद रहते हुए पढ़ सकें. खबर है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पार्थ को किताबें मुहैया कराई थी. इसे भी पढ़ें :  बोले">https://lagatar.in/gadkari-said-i-always-tell-bureaucrats-the-government-will-run-according-to-us-not-according-to-you/">बोले

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ज्यूडिशियल कस्टडी के अनुभवों को लिखने की इच्छा है

रिपोर्ट के अनुसार पार्थ चटर्जी न्यायिक हिरासत के दिनों की अपनी यादों और रोजमर्रा के अनुभव लिखना चाहते हैं. खबर है कि जब पार्थ चटर्जी को मंगलवार को उनके वकील ने किताबें सौंपी तब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों व करीबियों का हाल-चाल पूछा. जान लें कि ईडी की हिरासत का समय पूरा होने के बाद पार्थ चटर्जी को जेल भेज दिया गया था. [wpse_comments_template]

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