Ranchi: बिरसा मुंडा चिड़ियाघर में बिना टेडर के ही 90 लाख रुपये से अधिक के सामग्रियों की खरीद की गयी है. चिड़ियाघर में महाराजा गेट से निदेशक के कार्यालय तक सड़क के रखरखाव और गेस्ट हाउस के विशेष मरम्मत के नाम पर की गयी है.
महाराजा गेट से निदेशक कार्यालय तक करीब 250 मीटर सड़क के रखरखाव के लिए करीब 40 लाख रुपये का पेवर ब्लॉक खरीदा गया था. इसके अलावा चिड़ियाघर के गेस्ट हाउस के विशेष मरम्मत के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की साग्रियों की खरीद की गयी. इन सामग्रियों की खरीद में Jharkhand procurement of goods and services Manual 2024 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया.
मैनुअल में लागू नियम के तहत अगर खरीदी जाने वाली सामग्रियों की कीमत 1.5 लाख से अधिक और 10 लाख रुपये से कम हो तो जेम्स पोर्टल के सहारे सामग्रियों की खरीद की जा सकती है. लेकिन अगर सामग्रियों की कीमत 10लाख या इससे अधिक हो तो टेंडर के सहारे सामग्रियों के खरीदने के नियम हैं. चिड़ियाघर में 90 लाख रुपये की सामग्रियों की खरीद में इसका उल्लंघन किया गया है.
राज्य सरकार में सिर्फ वन विभाग को ही विभागीय काम कराने की विशेष छूट है. वन विभाग में प्लांटेशन के लिए किसी तरह के टेंडर का प्रावधान नहीं है. लेकिन सिविल वर्क जैसे भवन निर्माण, मरम्मत आदि के लिए 50 लाख रुपये से अधिक का काम होने पर ही टेंडर का नियम है.
50 लाख रुपये से कम के निर्माण आदि का काम विभागीय स्तर पर कराने का नियम है. यह राज्य में विधायक योजना के लिए दी गयी छूट से कई गुना ज्यादा है. विधायक योजना में 16 लाख रुपये से अधिक का काम होने पर टेंडर का नियम है. इससे कम का काम विधायक की अनुशंसा पर किसी भी एजेंसी को देने का नियम है.
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