Ranchi: झारखंड के खाद्य आपूर्ति और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य और देश की मौजूदा स्थिति को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कमी, महंगाई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.
ईंधन संकट और आपात जैसी स्थिति
डॉ. अंसारी ने कहा कि झारखंड में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत है और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. उन्होंने इस स्थिति को आपातकाल से भी ज्यादा गंभीर बताया. उनका कहना है कि लोग गर्मी में परेशान हो रहे हैं और कई जगहों पर विवाद की स्थिति भी बन रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर सभी पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की मांग की है ताकि व्यवस्था बनी रहे.
स्वास्थ्य सेवाओं पर असर
मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ईंधन की कमी के कारण एम्बुलेंस सेवा और दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हो रही है. परिवहन व्यवस्था बाधित होने से जरूरी दवाएं समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि आपातकालीन सेवाओं को इस संकट से बाहर रखा जाए, नहीं तो स्थिति और बिगड़ सकती है. साथ ही उन्होंने जूनियर डॉक्टरों को आश्वासन दिया कि उनकी लंबित सैलरी जल्द जारी की जाएगी.
अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर टिप्पणी
डॉ. अंसारी ने देश की अर्थव्यवस्था और रुपये की कमजोरी के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति के कारण भारत के कुछ देशों के साथ संबंध प्रभावित हुए हैं, जिसका असर ईंधन आपूर्ति पर दिख रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से देश में सामाजिक तनाव बढ़ा है.
चुनाव आयोग और एसआईआर पर आरोप
मंत्री ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर झारखंड में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल की जा रही है और इससे आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बीएलओ के साथ मिलकर इस प्रक्रिया पर नजर रखें.
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