में भेष बदलकर रह रहा था PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप, देखें गिरफ्तारी के बाद की पहली तस्वीर
ग्रामीण क्षेत्र का हाल बहुत अधिक खराब
संजय सेठ ने कहा कि ईचागढ़ से लेकर सिल्ली और कांके, खिजरी से लेकर खलारी तक से प्रतिदिन दर्जनों कॉल मेरे ऑफिस को आते हैं. कहीं बिजली संकट है. कहीं पानी संकट है. कहीं चापाकल खराब पड़े हैं. कहीं जल मीनार बनकर तैयार है, लेकिन जलापूर्ति नहीं हो रही है. यह ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति है. ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़े तो शहर की स्थिति उससे भी बदतर है. अभी ही किसी अखबार में पढ़ रहा था कि रांची शहर में 50 प्रतिशत बोरिंग फेल हो चुके हैं. पेयजलापूर्ति का पाइप कहीं टूट जाता है तो कहीं फूट जाता है. कहा कि जलस्रोतों को रिचार्ज किया जा सके, इस तरफ सरकार का ध्यान ही नहीं है. आखिर जनता क्या करे. ना तो सप्लाई का पानी सही समय पर मिल रहा है और ना तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.पानी बिजली नहीं दे सकती है सरकार तो कुर्सी छोड़ दे
संजय सेठ ने कहा कि भारत सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत इस राज्य को करोड़ों रुपए प्रदान किए. दुर्भाग्य है कि राजधानी में भी उस योजना को धरातल पर पूरी तरह से नहीं उतारा जा सका. अफसर फाइलें घुमाते हैं और मंत्री अपनी गाड़ियों पर घूमते हैं. इस सरकार का यही चरित्र रह गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जनता की तरफ से अनुरोध है कि राजधानी की जनता को बख्श दीजिए. कम से कम इनके लिए समुचित पानी और बिजली की व्यवस्था करवाइए, ताकि इस भीषण गर्मी में जनता को कुछ राहत मिल सके. यदि यह भी नहीं हो सकता तो मुझे लगता है पूरी सरकार को जनता से माफी मांगते हुए सत्ता छोड़ देना चाहिए. यदि सरकार अविलंब बिजली और जल संकट का समाधान नहीं निकालती है, तो रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता इस निष्क्रिय सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. इसे भी पढ़ें - सीएम">https://lagatar.in/cm-hemant-soren-paid-tribute-on-the-death-anniversary-of-durga-soren/">सीएमहेमंत सोरेन ने दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी, बोले-सभी के स्मारक होंगे विकसित [wpse_comments_template]

Leave a Comment