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पीरटांड़ : पारसनाथ पर्वत पर मनाया गया जन्म, केवल्यज्ञान व मोक्ष कल्याणक महोत्सव

 
Pirtand (Giridih) : बीस तीर्थकरो की निर्वाण कल्याणक भूमि पारसनाथ पर्वत पर शनिवार को जैन धर्म के पांचवें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ स्वामी का जैन धर्म के दिगम्बरमता अनुसार जन्म, केवल्यज्ञान व मोक्ष कल्याणक महोत्सव चैत्र मास के शुक्ल एकादशी तिथि पर मनाया गया. अत्यंत भक्ति-भाव से देवादिदेव 1008 सुमतिनाथ भगवान का पूजन कर जन्म, ज्ञान व मोक्ष कल्याणक पर्व मनाया गया. साथ ही निर्वाण कल्याणक होने के कारण भगवान का निर्वाणस्थली भूमि मे बना अविचल कूट मे विराजमान श्री चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित दिल्ली से आए राकेश कुमार जैन ने बताया कि हम लोग धन्य हैं जो भगवान की निर्वाण भूमि श्री सम्मेद शिखर जी में साक्षात निर्वाण लाडू समर्पित करने का सैभाग्य प्राप्त हुआ है. उन्होंने बताया कि तीर्थंकरों के जीवन की ऐसी घटना जो अन्य जीवों के कल्याण का कारक बनती हैं, कल्याणक कहलाते हैं. वर्तमान में कल्याण पर्वों के शुभ अवसर पर भगवान की भक्ति, पूजन आदि द्वारा पुण्योपार्जन करना ही सैभाग्य की बात है. कार्यक्रम मे सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/bagodar-mothers-bier-was-waiting-for-daughters-bride-for-two-days">यह

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