Ranchi News: झारखंड में कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESIC) की स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. अब राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को ESIC की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की योजना है. इससे बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को अपने क्षेत्र में इलाज की सुविधा मिल सकेगी.
इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक में ESIC की स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा से ज्यादा बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों तक पहुंचाने पर चर्चा की गई.
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बैठक में रांची और जमशेदपुर स्थित ESIC केंद्रों में अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभुकों को इलाज की सुविधा देने पर भी चर्चा हुई. इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, इन योजनाओं के लाभुकों के इलाज का क्लेम झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा.
फिलहाल झारखंड में ईएसआईसी की 21 डिस्पेंसरी चल रही हैं. यहां बीमित श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. अब सीएचसी और पीएचसी के नेटवर्क को ईएसआईसी से जोड़कर इन सेवाओं को राज्य के ज्यादा क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी है.
प्रस्तावित व्यवस्था में ईएसआईसी की ओर से प्रति बीमित व्यक्ति हर साल 1000 रुपये की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी. इससे करीब 1.50 लाख बीमित व्यक्तियों और उनके परिवारों सहित लगभग 6 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलने की उम्मीद है.
इस पहल से राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले पात्र श्रमिकों को ESIC की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद मिलेगी. ईएसआईसी के तहत पात्र लोगों को इलाज के साथ बीमारी, मातृत्व, दिव्यांगता और आश्रित हितलाभ सहित कई सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं मिलती हैं.
बैठक में अपर सचिव संदीप कुमार दोराईबुरू, संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद, श्रम सचिव जितेंद्र कुमार सिंह और ESIC झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक शिवेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
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