Ranchi : राज्य में लघु खनिज संपदा के चालान की व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बदलाव की तैयारी है. मिट्टी, बालू सहित अन्य लघु खनिजों का चालान नहीं मिलने के कारण सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़े ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के बिल अलग-अलग विभागों में भुगतान के लिए अटके हुए हैं.
इस समस्या को देखते हुए सरकार पुरानी व्यवस्था को दोबारा लागू करने पर विचार कर रही है. वर्तमान व्यवस्था में लघु खनिजों के चालान उपलब्ध नहीं होने पर विभागीय स्तर पर ठेकेदारों के बिलों के भुगतान में परेशानी आ रही है.
वहीं, खनिज संपदा से जुड़े मामलों में निर्धारित राशि से कई गुना तक जुर्माना वसूलने के प्रावधान को लेकर भी ठेकेदारों में असंतोष है. बताया जा रहा है कि 10 गुना जुर्माने के प्रावधान में बदलाव होने की संभावना है.
इसे भी पढ़ें
बुधवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा और मंजूरी मिल सकती है. हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पर विचार के बाद ही स्पष्ट होगा.
ठेकेदारों का कहना है कि लघु खनिजों का वैध चालान नहीं मिलने और बिल पास नहीं होने के कारण निर्माण कार्यों से जुड़े भुगतान लंबे समय से प्रभावित हैं. यदि पुरानी व्यवस्था बहाल होती है, तो लंबित बिलों के भुगतान का रास्ता साफ होने की उम्मीद है.

