साथ ही झारखंड में रहने वाले संथाल जनजातीय समुदाय की भाषा संथाली के प्रोफेसर श्रीपति टुडू का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कई सारी भाषाएं, लिपियां और बोलियों का समृद्ध खजाना है. अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग पहनावा, खानपान और संस्कृति, ये हमारी पहचान है. ये डायवर्सिटी, ये विविधता, एक राष्ट्र के रूप में हमें अधिक सशक्त करती है और एकजुट रखती है. इसे भी पढ़ें : लद्दाख">https://lagatar.in/mortal-remains-of-army-soldier-who-was-martyred-in-ladakh-reached-ranchi-governor-paid-tribute/">लद्दाखChar Dham Yatra is underway in Uttarakhand where thousands of pilgrims are arriving. I`ve seen pilgrims in Kedarnath are saddened by litter spread by some pilgrims. There`re also some pilgrims who are cleaning nearby areas of their stay during their Yatra: PM Modi in Mann Ki Baat pic.twitter.com/A9kn2oqpwx
">https://t.co/A9kn2oqpwx">pic.twitter.com/A9kn2oqpwx
— ANI (@ANI) May">https://twitter.com/ANI/status/1530790062329577472?ref_src=twsrc%5Etfw">May
29, 2022
में शहीद हुए सेना के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा रांची, राज्यपाल ने श्रद्धांजलि दी
पीएम मोदी ने की श्रीपति टुडू की तारीफ
प्रधानमंत्री ने श्रीपति टुडू की सोच और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का जीवन्त उदाहरण है. इस भावना को आगे बढ़ाने वाले ऐसे बहुत से प्रयासों के बारे में, आपको, एक भारत-श्रेष्ठ भारत की वेबसाइट पर भी जानकारी मिलेगी. यहां लोगों खान-पान, कला, संस्कृति, पर्यटन समेत ऐसे कई विषयों पर गतिविधियों के बारे में पता चलेगा.लोग इन गतिविधियों में हिस्सा भी ले सकते हैं. इससे लोगों को अपने देश के बारे में जानकारी भी मिलेगी, और लोग देश की विविधता को महसूस भी करेंगे. इसे भी पढ़ें : मोदी">https://lagatar.in/modi-government-has-taken-steps-towards-bringing-uniform-civil-code-committees-are-being-formed-at-the-state-level/">मोदीसरकार ने Uniform Civil Code लाने की दिशा में कदम बढ़ाये, राज्य स्तर पर कमेटियां बनाई जा रही हैं
यूनिवर्सिटी में संथाली भाषा के प्रोफेसर हैं श्रीपति टुडू
श्रीपति टुडू पुरुलिया की सिद्धो- कानो- बिरसा यूनिवर्सिटी में संथाली भाषा के प्रोफेसर हैं. उन्होंने, संथाली समाज के लिए, उनकी अपनी ‘ओल चिकी’ लिपि में, देश के संविधान की कॉपी तैयार की है. श्रीपति टुडू कहते हैं कि हमारा संविधान हमारे देश के हर एक नागरिक को उनके अधिकार और कर्तव्य का बोध कराता है. इसलिए, प्रत्येक नागरिक को इससे परिचित होना जरूरी है. इसलिए, उन्होंने संथाली समाज के लिए उनकी अपनी लिपि में संविधान की कॉपी तैयार करके भेंट-सौगात के रूप में दी है. इसे भी पढ़ें : देवबंद">https://lagatar.in/deoband-arshad-madani-said-we-will-not-tolerate-uniform-civil-code-why-should-we-go-to-pakistan/">देवबंद: अरशद मदनी ने कहा, Uniform Civil Code सहन नहीं करेंगे, हम क्यों जायें पाकिस्तान…

Leave a Comment