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गाजा पर ट्रंप के शांति प्रस्ताव को पीएम मोदी का समर्थन, ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने निर्णायक कदम बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में जारी हिंसा को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने इजरायल से गाजा पर हमले बंद करने की अपील की है. ट्रंप की इस शांति पहल को 'पीस प्लान' का नाम दिया गया है, जिसे वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है.
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  • गाजा पर ट्रंप के शांति प्रस्ताव को वैश्विक समर्थन
  • पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम अल्बनीज ने की सराहना

Lagatar Desk :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में जारी हिंसा को रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने इजरायल से गाजा पर हमले बंद करने की अपील की है. ट्रंप की इस शांति पहल को 'पीस प्लान' का नाम दिया गया है, जिसे वैश्विक स्तर पर समर्थन मिल रहा है.

 

प्रधानमंत्री मोदी ने जताया समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि गाजा में शांति बहाल करने की दिशा में यह एक निर्णायक प्रगति है. आगे कहा कि बंधकों की रिहाई की संभावना एक महत्वपूर्ण कदम है. भारत स्थायी और न्यायसंगत समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा. 

 

 

ऑस्ट्रेलिया ने भी पीस प्लान का किया स्वागत

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी ट्रंप की योजना का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रपति ट्रंप की पहल में हुई प्रगति का स्वागत करता है. हमास को हथियार छोड़ने चाहिए और सभी शेष बंधकों को रिहा करना चाहिए. हम अपने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर इस संघर्ष को समाप्त करने और स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास करते रहेंगे.

 

क्या है ट्रंप का पीस प्लान

शुक्रवार को घोषित इस शांति प्रस्ताव के तहत ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से इजरायल से गाजा में सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमास अब स्थायी शांति के लिए तैयार है. हमास ने इस योजना के कुछ हिस्सों का समर्थन किया है. लेकिन कुछ बिंदुओं पर असहमति जताई है और इस पर फिर से वार्ता करने की बात कही है. 

 

वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस प्रस्ताव को स्वीकार किया है. पीएम कार्यालय की ओर से कहा गया है कि इजरायल ट्रंप की योजना के पहले चरण विशेष रूप से सभी बंधकों की रिहाई को तत्काल लागू करने के लिए तैयार है.

 

योजना के अनुसार, युद्धविराम लागू होने के 72 घंटे के भीतर बंधकों की रिहाई होगी. इसके बदले में इजरायल 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा और मारे गए गाजावासियों के शव लौटाएगा. इजरायल पहले चरण में गाजा से सेना हटाने को भी तैयार होगा.

 

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