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थाना प्रभारी नहीं ले रहे मालखाना का प्रभार, पुलिस मुख्यालय का निर्देश-कड़ाई से कराएं आदेश का पालन

झारखंड पुलिस मुख्यालय, रांची ने राज्य के सभी जिलों के थानों में मालखाना (माल गोदाम) के प्रभार को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि थाना प्रभारी को मालखाना का प्रभार स्वयं लेना अनिवार्य है, जैसा कि पूर्व में जारी निर्देशों में उल्लेख किया गया था.
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Saurav Singh

Ranchi :    झारखंड पुलिस मुख्यालय, रांची ने राज्य के सभी जिलों के थानों में मालखाना (माल गोदाम) के प्रभार को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि थाना प्रभारी को मालखाना का प्रभार स्वयं लेना अनिवार्य है, जैसा कि पूर्व में जारी निर्देशों में उल्लेख किया गया था. हालांकि, पुलिस मुख्यालय को ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि कई जिलों में थाना प्रभारी इस आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं. वे स्वयं प्रभार लेने के बजाय अपने अधीनस्थ अधिकारियों को मालखाना का जिम्मा सौंप दे रहे हैं, जो कि स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है. 

 

प्रभार हस्तांतरण में लापरवाही

इसके अलावा पुलिस मुख्यालय ने यह भी पाया है कि जब मालखाना प्रभारी का स्थानांतरण होता है, तो नये अधिकारी को प्रभार ग्रहण करने में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे रिकॉर्ड प्रबंधन प्रभावित हो रहा है. यह स्थिति न केवल प्रशासनिक अनुशासन के विरुद्ध है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंताजनक है. 

 

रिकॉर्ड रखने में बरती जा रही अनियमितता

जारी आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि मालखाने का रिकॉर्ड पुलिस हैंडबुक (पुलिस हस्तक नियम) के अनुसार निर्धारित प्रोफार्मा (बही) में नहीं रखा जा रहा है. इसके बजाय, कुछ थानों में इसे ऑनलाइन फॉर्मेट में भरा जा रहा है, जो कि पुलिस मैनुअल के अनुरूप नहीं है. 

 

डीजीपी का निर्देश, थाना प्रभारी स्वयं संभालें मालखाना, रिकॉर्ड संधारण में नियमों का सख्त पालन जरूरी

झारखंड पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने राज्य के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि वे अपने-अपने थानों के मालखाना (माल गोदाम) का प्रभार स्वयं ग्रहण करें. डीजीपी ने यह भी निर्देश दिया है कि स्थानांतरण (ट्रांसफर) की स्थिति में मालखाना का प्रभार तत्काल लिया जाए, ताकि रिकॉर्ड में कोई शून्यता या गड़बड़ी न रहे. इसके अलावा मालखाना का रिकॉर्ड विधिवत रूप से पुलिस हैंडबुक (पुलिस हस्तक नियम) के अनुसार संधारित किया जाना अनिवार्य है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड संधारण नियम 119 व 120 और आरक्षी हैंडबुक के प्रपत्र 18 में निर्धारित प्रोफार्मा (बही) के अनुसार ही किया जाए. 

 

थाना प्रभारी ही होंगे मालखाना के वास्तविक प्रभारी 

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में जारी आदेश में कहा था कि जिन थानों की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक (Inspector) के पास है, वहां थाना प्रभारी को मालखाना के काम में सहायता के लिए एक जूनियर सब-इंस्पेक्टर (JSI) को रखा जा सकता है.  पुलिस मुख्यालय ने पूर्व के आदेश में थोड़ा बदलाव किया है. संशोधित आदेश के तहत, अब हर थाने का थाना प्रभारी ही मालखाना का असली प्रभारी होगा. अगर किसी थाना प्रभारी का तबादला हो जाता है, तो नए थाना प्रभारी को तुरंत मालखाना की जिम्मेदारी लेनी होगी.  नये आदेश का कड़ाई से अनुपालन हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी झारखंड के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) की है. एसएसपी और एसपी को एक महीने के अंदर अनुपालन रिपोर्ट भेजनी होगी. 

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