Ranchi : झारखंड की जेल व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए राज्य की जेलों में अधिकारियों द्वारा महिलाओं के कथित यौन शोषण, शिकायतों को दबाने के प्रयास का आरोप लगाया है.
मरांडी ने अपने पत्र में कहा है कि कुछ समय पहले उन्होंने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर एक महिला कैदी के यौन शोषण और उसे गर्भवती करने के आरोपों को लेकर सरकार को अवगत कराया था. लेकिन कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने मामले को दबाने और साक्ष्यों को खत्म करने की कोशिश की.
पत्र में जेलर लवकुश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मरांडी के अनुसार, जेलर ने अपने पद और वर्दी का दुरुपयोग कर वर्षों तक महिलाओं का शोषण किया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला होमगार्ड के साथ अनैतिक संबंध बनाए गए और विरोध करने पर उसके पति को धमकियां दी गईं. इतना ही नहीं, झूठे मुकदमों में फंसाने और जान से मारने की धमकियां देकर परिवार को प्रताड़ित किया गया.
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि चतरा कारागार में रहते हुए लवकुश कुमार ने कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के मामलों को दबाने के लिए पीड़ित महिला को ही उत्पीड़न समिति का सदस्य बना दिया, ताकि रिकॉर्ड में “शून्य शिकायत” दिखाया जा सके.
मरांडी ने यह भी आरोप लगाया कि बिरसा मुंडा कारागार के अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने पीड़ित पति को पैसे लेकर पत्नी का शोषण सहन करने की सलाह दी. पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि आरोपित अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए. मरांडी ने कहा कि संबंधित दस्तावेज और प्रमाण अलग से सरकार को उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
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