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SIR और ‘अटल क्लिनिक’ नाम बदलने को लेकर सियासत गरम

झारखंड में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक किए जाने को लेकर विधानसभा मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है.
 

विपक्ष ने तुष्टिकरण तो सत्तापक्ष ने जरूरत बताया

Ranchi : झारखंड में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक किए जाने को लेकर विधानसभा मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सियासी घमासान तेज हो गया है. विपक्षी दलों ने इसे तुष्टिकरण और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने इसे आवश्यक प्रक्रिया करार दिया.

 

नाम बदलना ‘राजनीतिक गुंडागर्दी’ : बाबूलाल मरांडी

 

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे राष्ट्रनिर्माता के नाम पर शुरू की गई योजना का नाम बदलना सरकार की राजनीतिक गुंडागर्दी है. उन्होंने कहा कि यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है कि सरकार अटल जी के नाम तक को बर्दाश्त नहीं कर पा रही.

 

SIR को बताया जरूरी : चंपई सोरेन

 

वहीं भाजपा विधायक चंपई सोरेन ने SIR का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण जरूरी है. हालांकि उन्होंने भी सरकार द्वारा अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलने को गलत ठहराया और कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सदन में जोरदार तरीके से उठाएगी. उन्होंने संथाल में अपनी चुप्पी पर कहा कि कभी-कभी चुप्पी के भी बड़े मायने होते हैं. साथ ही दिशोम गुरु शिबू सोरेन के स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की.

 

‘SIR के खिलाफ कांग्रेस की मंशा संदिग्ध’: नवीन जायसवाल

 

भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने SIR का विरोध करने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के वोटों को बचाने के लिए SIR का विरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि जिनके नाम छूट गए हैं, उन्हें चुनाव आयोग ने सूची में नाम जोड़ने के लिए एक महीने का समय भी दिया है.

 

‘SIR से भाजपा की जमीन खिसक जाएगी’ : राजेश कच्छप

 

वहीं कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने पलटवार करते हुए कहा कि SIR भाजपा की हार को टालने की साजिश है. उन्होंने कहा कि जब आधार सभी जगह मान्य है, तो SIR में क्यों नहीं? SIR हुआ तो भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सीपी सिंह अपनी सीट हार जाएंगे. उन्होंने इसे डेमोग्राफी के नाम पर वोटर हटाने की रणनीति बताया.

 

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