मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, पेट्रोल-डीजल पर VAT घटायें राज्य
पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता की थी वकालत
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में घोषणा की थी कि सरकार बनने पर हम समान नागरिक संहिता लागू करेंगे. उत्तराखंड के बाद उत्तर प्रदेश के नेता शिवपाल यादव ने भी समान नागरिक संहिता लागू किये जाने की लड़ाई करने की बात कही. शिवपाल के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में भी इस कानून को लेकर चर्चाएं शुरू हो गयी. इसे भी पढ़ें : Twitter">https://lagatar.in/elon-musks-heart-came-on-twitter-offered-to-buy-the-company/">Twitterपर आया एलन मस्क का दिल, कंपनी को खरीदने के लिए दिया ऑफर
अनुच्छेद 44 राज्य को समान नागरिक संहिता बनाने का निर्देश देता है
संविधान के मसौदे में अनुच्छेद 35 को अंगीकृत संविधान के आर्टिकल 44 के रूप में शामिल कर दिया गया था. उम्मीद की गयी है कि जब राष्ट्र एकमत हो जायेगा तो समान नागरिक संहिता अस्तित्व में आ जायेगी. अनुच्छेद 44 राज्य को उचित समय आने पर सभी धर्मों लिए समान नागरिक संहिता बनाने का निर्देश देता है अनुच्छेद 44 का उद्देश्य कमजोर वर्गों से भेदभाव की समस्या को खत्म करके देशभर में विभिन्न सांस्कृतिक समूहों के बीच तालमेल बढ़ाना है. इसे भी पढ़ें :पाकिस्तान">https://lagatar.in/pakistan-imran-said-nuclear-weapons-are-not-safe-under-shahbaz-sharif-government-pakistan-army-claims-rejected/">पाकिस्तान: इमरान ने कहा, शहबाज शरीफ सरकार में परमाणु हथियार सुरक्षित नहीं, पाक सेना ने दावा किया खारिज

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