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बिहार में 49 सीटों के समन्वय से यूपी तक पहुंचा प्रदीप वर्मा का संगठन कौशल

Ranchi News: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदीप वर्मा को भागलपुर, कोसी और पूर्णिया क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई थी. उनके जिम्मे 10 जिलों की 49 विधानसभा सीटों का संगठनात्मक समन्वय था. पार्टी के स्तर पर उन्हें चुनाव अभियान, कार्यकर्ताओं के समन्वय और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी निभानी थी.
 
सांकेतिक तस्वीर

Ranchi News: भाजपा के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सदस्य डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सह-प्रभारी बनाया गया है. पार्टी ने उन्हें वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े के साथ संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है. इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में उनके संगठन कौशल की भूमिका महत्वपूर्ण रही थी.

 

बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदीप वर्मा को भागलपुर, कोसी और पूर्णिया क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई थी. उनके जिम्मे 10 जिलों की 49 विधानसभा सीटों का संगठनात्मक समन्वय था. पार्टी के स्तर पर उन्हें चुनाव अभियान, कार्यकर्ताओं के समन्वय और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय रखने की जिम्मेदारी निभानी थी.

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इन 49 विधानसभा सीटों में से 36 सीटों पर भाजपा गठबंधन को जीत मिली. पार्टी के भीतर इस प्रदर्शन को प्रदीप वर्मा की संगठनात्मक भूमिका से भी जोड़कर देखा गया. खासकर उन सीटों पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया, जहां भाजपा गठबंधन के लिए चुनावी चुनौती अधिक थी.

 

बिहार चुनाव के बाद संगठन में प्रदीप वर्मा की भूमिका लगातार बढ़ती गई. उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलीं. अब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने से उनकी संगठनात्मक भूमिका और बढ़ गई है.

 

डॉ. प्रदीप वर्मा झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं. वह भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री भी हैं. लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे प्रदीप को चुनावी प्रबंधन और संगठन के विभिन्न स्तरों पर काम करने का अनुभव है.

 

अनंत ओझा को भी संगठन का लंबा अनुभव

उत्तर प्रदेश में विनोद तावड़े के साथ झारखंड के पूर्व विधायक अनंत ओझा को भी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है. ओझा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जरिए भाजपा में आए. वह राजमहल विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं.

 

उन्हें पश्चिम बंगाल और बिहार विधानसभा चुनावों में भी संगठनात्मक जिम्मेदारी मिल चुकी है. पार्टी के स्तर पर दोनों नेताओं के अनुभव का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों के समन्वय में किया जाएगा.

 

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