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रांची में गणेश पूजा की तैयारियां जोरों पर, विष्णु रूप की गणेश प्रतिमा रहेगी आकर्षण का केंद्र

गणेश पूजा की रौनक अब नजर आने लगी है. मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. भगवान गणेश की भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूजा पंडालों की सजावट भी अंतिम चरण में है. इस बार पूजा में भक्तों को भव्यता और नवाचार दोनों का संगम देखने को मिलेगा.
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Ranchi :  हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी मनाया जाता है. इस साल गणेश चतुर्थी का त्यौहार 27 अगस्त से शुरू हो रहा है. रांची में भी गणेश पूजा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है.  शहर के अपर बाजार, स्टेशन रोड, हरमू, मेन रोड, चुटिया, डोरंडा, रातु रोड, लालपुर समेत अन्य स्थानों पर भव्य पंडाल बनाए जा रहे हैं. 

 

पूजा पंडालों की सजावट व प्रतिमा निर्माण अंतिम चरण में

गणेश पूजा की रौनक अब नजर आने लगी है. मूर्तिकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. भगवान गणेश की भव्य प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूजा पंडालों की सजावट भी अंतिम चरण में है. इस बार पूजा में भक्तों को भव्यता और नवाचार दोनों का संगम देखने को मिलेगा. 

 

भगवान गणेश की विष्णु रूप वाली प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र

इस बार पूजा पंडालों में छोटी-बड़ी और विभिन्न आकृतियों वाली गणेश प्रतिमाएं भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी. लेकिन भगवान गणेश की विष्णु रूप वाली प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी . 

रातु रोड, पिस्कामोड़ और लालपुर में गणेश भगवान की सबसे छोटी प्रतिमा बनाई जा रही है, जो ढाई फीट की है. वहीं 13 फीट की सबसे ऊंची प्रतिमा भी लगभग तैयार हो चुकी है. अब केवल रंग-रोगन का काम बाकी रह गया है. 

शाही सिंहासन पर विराजमान होंगे भगवान गणेश

मूर्तिकारों ने इस बार गणेश भगवान को अलग-अलग रूपों में दिखाने का प्रयास किया है. विष्णु रूप में भी गणेश की प्रतिमा भी बनाई जा रही है. मूर्तिकारों ने भगवान गणेश को चार भुजाओं में सुसज्जित शाही सिंहासन पर विराजमान रूप में गढ़ा है. सिंहासन के दोनों ओर शेर की मूर्तियां होंगी और चरणों में चूहा श्रद्धा में नतमस्तक दिखेगा.  

 

मां लक्ष्मी और गणेश का संयुक्त स्वरूप रहेगा आस्था का केंद्र 

इसी तरह एक अन्य प्रतिमा में मां लक्ष्मी और गणेश का संयुक्त स्वरूप देखने को मिलेगा, जो भक्तों के लिए विशेष रूप से आस्था और आकर्षण का केंद्र बनेगा. इसके अलावा भी 20 प्रकार की अलग-अलग प्रतिमाएं पूजा पंडालों में देखने को मिलेंगी. 

 

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