Ranchi : झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल ने सोमवार को रांची जिले के नगड़ी और इटकी प्रखंड में संचालित हनी माइग्रेशन सेंटर का निरीक्षण किया. यह केंद्र हनी वैल्यू चेन परियोजना के तहत गठित झारखंड मधु आजीविका फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) से जुड़ी महिलाओं द्वारा संचालित किया जा रहा है.
निरीक्षण के दौरान अनन्य मित्तल ने मधु पालक महिलाओं से मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और विपणन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली. उन्होंने शहद की पैकेजिंग व्यवस्था और हनी बॉक्स का अवलोकन करते हुए व्यवसाय को और मजबूत बनाने के लिए कई सुझाव दिए.
उन्होंने कहा कि हनी वैल्यू चेन परियोजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है. यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही है.
अनन्य मित्तल ने कहा कि शहद की गुणवत्ता बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है. साथ ही झारखंड में उत्पादित शहद को अन्य राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने और इस व्यवसाय का विस्तार करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है. इससे अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का एक बेहतर माध्यम बनकर उभर रहा है और इसके जरिए महिलाओं की आजीविका मजबूत हो रही है.
मौके पर हनी वैल्यू चेन परियोजना के एसपीएम संजय दास, डीपीएम अभिषेक चांद, एंटरप्राइज और एसएमआईबी के जिला प्रबंधक, नगड़ी और इटकी प्रखंड की टीम, एफपीसी के निदेशक मंडल के सदस्य, मधु पालक महिलाएं तथा अन्य कर्मी उपस्थित थे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment