Lagatar Desk: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को संबोधित किया. राष्ट्रपति ने कहा कि 14 अगस्त के दिन को हम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाते हैं. सांप्रदायिक हिंसा की वजह से लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा और बंटवारे की विभीषिका सहन करनी पड़ी. फिर भी, उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी.
जब हमारा देश स्वतंत्र हुआ, उस समय देश के विभाजन के गंभीर परिणामों के साथ-साथ, 550 से अधिक रियासतों को नवस्वाधीन भारत के साथ जोड़ना भी एक असाधारण चुनौती थी. सरदार पटेल ने राजशाही व्यवस्थाओं को समाप्त करके हमारे स्वाधीन लोकतन्त्र में उनका विलय किया.
लोकतंत्र की जननी भारतभूमि के निवासियों में जनभागीदारी की भावना सदा से विद्यमान रही है. उस भावना को, नई ऊर्जा के साथ, हमारे देशवासी आगे बढ़ा रहे हैं.
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आज साधारण पृष्ठभूमि के लोग, अनेक क्षेत्रों में, असाधारण योगदान दे रहे हैं. इससे, मेरा यह विश्वास दृढ़ होता है कि आज के भारत में हर व्यक्ति बड़े सपने देख भी सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है.
जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे विधायिका में, जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करें. कार्यपालिका का कर्तव्य है कि जनहित और राष्ट्रहित की नीतियों को कार्यरूप दे. न्याय-व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि अभाव के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे.
भारत को नक्सल मुक्त बनाना एक बड़ी उपलब्धि है. अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उत्साह का वातावरण है तथा विकास की सर्वस्पर्शी धारा प्रवाहित हो रही है. बस्तर ओलिंपिक्स में खिलाड़ियों ने, बस्तर पंडुम में कलाकारों ने, तथा इन आयोजनों में दर्शकों ने, भारी संख्या में हिस्सा लिया.
देश की कुल आबादी में 65 प्रतिशत लोगों की आयु 35 वर्ष से कम है. यह युवा आबादी हमारी सबसे मूल्यवान सम्पदा है. केवल 28 वर्ष की औसत आयु वाली युवा टीम द्वारा हाल ही में रॉकेट का सफल प्रक्षेपण करके अन्तरिक्ष अन्वेषण के एक नए चरण का शुभारंभ किया गया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि परीक्षा सुधारों के लिए सरकार बड़े कदम उठा रही है और विद्यार्थियों के हित में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने के अवसर प्रदान करती हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार कर रही है. इन सुधारों को लक्ष्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाना है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित व युवाओं के लिए विश्वसनीय बनाना है.
मुझे यह देखकर बहुत प्रसन्नता होती है कि शिक्षा के क्षेत्र में हमारी बेटियां प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं. महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है. स्वयं सहायता समूहों की 10 करोड़ से अधिक महिला सदस्य हैं. 'मुद्रा योजना' के तहत सहायता प्राप्त करने वाले उद्यमियों में लगभग दो तिहाई लाभार्थी महिलाएं हैं.
हमारी विदेश नीति, देश हित पर आधारित है. आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा पारस्परिक सम्बन्धों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए, हमने अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं. Global South के देशों में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं. विश्व पटल पर हमारे देश का सम्मान बढ़ा है.
हमें यह सुनिश्चित करना है कि हमारे किसी भी कार्य से, आने वाली पीढ़ियों द्वारा इस अधिकार के प्रयोग में तनिक भी कमी न हो. हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम उनको और अधिक समृद्ध प्राकृतिक संपदाएं प्रदान करें. पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी आस्था हमारी परंपरा का हिस्सा है.
हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा digital infrastructure विकसित किया गया है. गांवों की छोटी-छोटी दुकानों में तथा रेहड़ी-पटरी पर भी digital payments हो रहे हैं. विश्व में आधे से अधिक real time digital transactions भारत में हो रहे हैं. Technology का उपयोग करके, सरकार ने जनकल्याण की सुविधाओं को, पारदर्शी तरीके से जन-जन तक पहुंचाया है.
हमारे देश में highways, waterways, railways और airways के रूप में आधुनिक infrastructure का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। इससे नए उद्यमों के लिए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं, नए रोजगारों का सृजन हो रहा है तथा निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है. हमारे देश की अर्थव्यवस्था, सबसे तेज गति से बढ़ती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ रही है.
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