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प्रधानमंत्री मोदी 15 मई को यूएई जा रहे हैं, ब्रह्मा चेलानी ने इसे फ्रंट फुट डिप्लोमेसी करार दिया

New Delhi : पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 15 मई को यूएई की य़ात्रा पर जा रहे हैं. कूटनीतिक मामलों के जानकार ब्रह्मा चेलानी ने इसे पीएम मोदी की फ्रंट फुट डिप्लोमेसी करार दिया है.

 

ब्रह्मा चेलानी ने कहा, मिसाइलों की बारिश के बीच पीएम मोदी का यूएई में ठहरने का फैसला बड़े संकेत की ओर इशारा कर रहा है. चेलानी ने एक्स पर पोस्ट किया, जिस फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन पर कुछ दिन पूर्व ईरान ने मिसाइलें दागी थी, पीएम मोदी ठीक वहीं रुकेंगे. यह बड़ा मैसेज है.

 

 

जान लें कि दुनिया का 20 फीसदी तेल गैस स्ट्रेेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरते है, जो वर्तमान में जंग का मैदान बना हुआ है. अहम बात यह है कि यूएई का फुजैराह पोर्ट ओमान की खाड़ी में है और यह  इस विवादित रास्ते (स्ट्रेहट ऑफ होर्मुज) से बाहर है ब्रह्मा चेलानी के अनुसार भारत के लिए यह पोर्ट एक सेफ्टी वॉल्व की तरह है.

 

यानी भविष्य में होर्मुज का रास्ता नहीं खुलने पर फुजैराह के जरिए भारत तक तेल और गैस की सप्लाई चालू रहेगी. पीएम मोदी इसी सप्लाई चेन को अभेद्य बनाने के लिए वहां की यात्रा कर रहे हैं. बता दें कि फुजैराह में विशाल ऑयल स्टोरेज टर्मिनल हैं.

 

सबसे बड़ी बात, यहां रिफाइनिंग की सुविधा है. साथ ही एलएनजी और पेट्रोलियम ट्रेडिंग का अच्छा नेटवर्क है.  ब्रह्मा चेलानी ने यह भी कहा कि यूएई में भारत के लगभग 35 लाख लोग रहते हैं.. पीएम मोदी का वहां जाना इन भारतीयों को यह भरोसा दिलाना है कि उनकी सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में है.

 

शेख मोहम्मद बिन जायद और पीएम मोदी की ने पिछले कुछ सालों में दर्जनों समझौते किये हैं. चेलानी ने कहा, कश्मीर के मुद्दे पर यूएई की चुप्पी हो, पाकिस्तान को दरकिनार किया जाना हो. पीएम मोदी ने यूएई को भारत के पाले में ला दिया है.

 

वर्तमान में  दोनों देश व्यापार सहित ब सुरक्षा और डिफेंस में भी साथ-साथ  महत्वपूर्ण बात यह है कि  फुजैरा पेट्रोलियम जोन पर ईरानी मिसाईलों के हमले के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि विदेशी नेता वहां जाने से बाज आयेंगे,  लेकिन मोदी ने वहां रुकने का फैसला कर यह साफ कर दिया कि भारत डरने वाला नहीं है.

 

यह कदम यूएई के लिए मोरल सपोर्ट करार जिया जा रहा है.  ईरान को यह संकेत दिया जा रहा है कि  भारत अब मूकदर्शक नहीं, वह एक्टिव प्लेयर है. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की बात करें तो कभी यूएई और सऊदी अरब पाकिस्तान के पाले में थे, .

 

लेकिन पीएम मोदी ने गेम बदल दिया है. आज यूएई भारत में निवेश कर रहा है. अपने देश में मंदिर बनवा रहा है. आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा है.  

 

 

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