के निजी अस्पतालों का सरकार के पास करोड़ों रुपए बकाया है. आयुष्मान योजना में धनबाद जिले के 36 अस्पताल सूचीबद्ध हैं. इनमें 24 प्राइवेट हॉस्पिटल व निर्सिंग होम शामिल हैं. अस्पताल योजना के तहत गरीब मरीजों का इलाज तो कर रहे हैं, लेकिन मार्च 2022 से अब तक इन्हें सरकार से भुगतान नहीं हुआ है.
मार्च से नहीं हुआ भुगतान : डॉ. निखिल ड्रोलिया
[caption id="attachment_397154" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="270" /> डॉ. निखिल ड्रोलिया, डायरेक्टर पाटलिपुत्र नर्सिंग होम[/caption] पाटलिपुत्र नर्सिंग होम के डायरेक्टर डॉ. निखिल ड्रोलिया ने बताया कि सरकार आयुष्मान योजना के नियमों में हर दिन बदलाव कर रही है. इससे निजी अस्पतालों की परेशानी बड़ गई है. आयुष्मान मद में पाटलिपुत्र नर्सिंग होम का सरकार पर एक करोड़ रुपए से अधिक बकाया है. ऐसे में भविष्य में लाभुक मरीजों का इलाज करना संभव नहीं है.
जेपी अस्पताल का 1.5 करोड़ बकाया
[caption id="attachment_397155" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="285" /> प्रदीप मंडल, डायरेक्टर जेपी अस्पताल[/caption] जेपी अस्पताल के डायरेक्टर प्रदीप मंडल ने बताया कि सरकार पर अस्पताल का बकाया बढ़कर करीब डेढ़ करोड़ रुपए हो गया है. अस्पताल में ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने आते हैं. कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित होते हैं. कई ऐसे मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं, जिनके पास पैसे नहीं होते हैं. अब पैसे के लिए ऐसे मरीजों को मौत के मुंह में तो नहीं छोड़ सकते. इसलिए मजबूरन आयुष्मान कार्डधारियों का इलाज करना पड़ता है.
बैंक से कर्ज लेना पड़ रहा : रविजीत सिंह
[caption id="attachment_397163" align="aligncenter" width="194"]alt="" width="194" height="179" /> रविजीत सिंह, धनबाद नर्सिंग होम[/caption] धनबाद नर्सिंग होम के डायरेक्टर रविजीत सिंह ने बताया कि लंबे समय से सरकार की ओर से भुगतान बंद है. इसकी वजह से आयुष्मान के मरीजों का इलाज करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थिति ऐसी है कि कर्मचारियों का वेतन देने के लिए बैंक से कर्ज लेना पड़ रहा है. अस्पताल का सरकार पर 60 से 65 लाख रुपए बकाया है. यदि ऐसा ही रहा, तो मजबूरन इस योजना के तहत इलाज बंद करना पड़ेगा.
डॉक्टरों को बदनाम करने की साजिश : आईएमए
[caption id="attachment_397177" align="aligncenter" width="184"]alt="" width="184" height="300" /> डॉ. राकेश इंदर सिंह, आईएमए [/caption] इस मुद्दे पर आईएमए, धनबाद के कोषाध्यक्ष डॉ. राकेश इंदर सिंह से बात की गई. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि आयुष्मान कार्ड के तहत गरीबों का इलाज हो और इसका आरोप डॉक्टरों पर लगे. डॉक्टरों को बदनाम करने की साजिश के तहत सरकार निजी अस्पतालों के बकाए का भुगतान नहीं कर रही है. यह भी पढ़ें :">https://lagatar.in/dhanbad-city-battered-by-daily-jams-traffic-police-busy-in-recovery/">
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