Lucknow : सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर(अयोध्या) के आस-पास वीआईपी लोगों द्वारा जमीन खरीदने के मामले ने तूल पकड़ लिया है. ये जमीनें आला अधिकारी से लेकर पुलिस अफसर, नेताओं, उनके परिवारवालों सहित अन्य ने खरीदी है. हालांकि इस मामले में योगी सरकार ने जांच के आदेश दे दिये हैं. जांच विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा करेंगे, उनसे पांच दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गयी है.
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फैसले के बाद कमिश्नर, मेयर, विधायक सबने खरीदी जमीन, योगी ने जांच के आदेश दिये, कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोटाला होने का आरोप लगाया
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घोटाला होने का आरोप लगाया है. आरोप लगाया कि पहले राम मंदिर के चंदे में घोटाला किया गया और अब दलितों की जमीन हड़पी जा रही है. बता दें कि प्रियंका ने जिला स्तर के अधिकारी को जांच सौंपे जाने पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया. जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि10 हजार वर्ग मीटर की जमीन 8 करोड़ रुपये में ट्रस्ट को बेची, उसी जमीन का दूसरा हिस्सा (12 हजार वर्ग मीटर) 2 करोड़ रुपये में किसी रवि मोहन तिवारी को बेचा गया.
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12 हजार वर्ग मीटर की दूसरी जमीन रवि मोहन तिवारी ने 19 मिनट बाद खरीदी. कहा कि तिवारी ने जो जमीन खरीदी उसमें आरएसएस से जुड़े अनिल मिश्रा और राम मंदिर के ट्रस्टी गवाह हैं. उसमें दूसरे गवाह अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय हैं. 5 मिनट बाद रवि मोहन तिवारी उसी 2 करोड़ की जमीन को 18.5 करोड़ में ट्रस्ट को बेच देते हैं. अगर यह घोटाला नहीं है, भ्रष्टाचार नहीं है तो क्या है? प्रियंका ने यूपी सरकार द्वारा जांच कराये जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी जांच जिला स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर बनाया गया है, तो जांच भी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा होनी चाहिए. क्योंकि जिला स्तर का अधिकारी मेयर को नहीं डांट सकता.
राम मंदिर के आसपास की जमी पर लूट मची हुई है
प्रियंका ने कहा कि राम मंदिर के आसपास जितनी भी जमीनें हैं, उस पर लूट मची हुई है. भाजपा के नेता, पदाधिकारी और योगी सरकार के अधिकारी सब लूट में मिले हुए हैं. वहां कितनी जमीन है, कितने हजारों करोड़ का घोटाला किया गया है, नहीं मालूम. कहा कि राम मर्यादा, नैतिकता के प्रतीक थे, सत्य के पथ पर चलने के लिए तैयार थे, अब उनके नाम पर भी आप भ्रष्टाचार कर रहे हैं. पूरे देश की आस्था को ठुकरा रहे हैं. उस पर चोट पहुंचा रहे हैं. ये बहुत गंभीर बात है.
जमीन खरीद का मामला क्या है?
इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई बड़े अधिकारियों ने औने-पौने दाम पर जमीन खरीदी थी. इस सूची में अयोध्या में कमिश्नर रहे एमपी अग्रवाल, मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, आईपीएस दीपक कुमार, रिटायर्ड आईएएस उमा धर द्विवेदी, पीपीएस अरविंद चौरसिया द्वारा खरीदी गयी जमीनें शामिल है. [wpse_comments_template]
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