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राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के खिलाफ

Ranchi: राज्य सरकार द्वारा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के खिलाफ है. सूचना आयुक्तों की जारी नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान राज्यपाल को भेजे गये शिकायती पत्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है. राज्यपाल सचिवालय द्वारा इस मुद्दे पर मिली शिकायतों पर कानूनी नजरिये से विचार विमर्श किया जा रहा है.
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Ranchi: राज्य सरकार द्वारा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के खिलाफ है. सूचना आयुक्तों की जारी नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान राज्यपाल को भेजे गये शिकायती पत्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है. राज्यपाल सचिवालय द्वारा इस मुद्दे पर मिली शिकायतों पर कानूनी नजरिये से विचार विमर्श किया जा रहा है.


राज्य सरकार द्वारा सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में राज्यपाल सचिवालय को कई शिकायतें मिली हैं. इसमें यह कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अंजली भारद्वाज बनाम केंद्र सरकार, के अलावा नमिका शर्मा बना केंद्र सरकार के मामले सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित की है. 


इसके तहत सरकार को इन पदों पर नियुक्ति के लिए मिलने वाले आवेदनों की शॉर्ट लिस्टिंग के बाद उसे प्रकाशित कर सार्वजनिक करना है. इसमें इस बात का उल्लेख किया जाना है कि सूचना आयुक्तों के पद पर नियुक्ति के लिए कुल कितने आवेदन मिले थे. इसमें से शॉर्ट लिस्टिंग के बाद कितने आवेदनों को उपयुक्त पाया गया. कारण सहित प्रकाशित की गयी इस सूची पर नियमानुसार विचार कर नियुक्ति के लिए नामों का चुनाव करना है. इसके बाद इस पर सहमति के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाना है.


राज्यपाल को भेजे गये शिकायती पत्रों में कहा गया है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के आलोक में कुल आवेदकों में चुने गये आवेदकों की सूची प्रकाशित नहीं की. सरकार ने नेता प्रतिपक्ष के साथ विचार विमर्श के बाद सीधे नियुक्ति के लिए पांच नामों की सूची राज्यपाल के पास सहमति के लिए भेज दी.


राज्यपाल को भेजे गये शिकायती पत्रों में सरकार द्वारा भेजे गये सूची में से तीन नामों पर गंभीर आपत्ति दर्ज करायी गयी है. इस मामले में राज्यपाल को भेजे गये शिकायती पत्रों में कहा गया है कि सरकार ने सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 15(6) का उल्लंघन कर तीन नामों का चुनाव किया है. अधिनियम में निहित प्रावधानों के अनुसार, राजनीतिक दल से संबद्ध आवेदकों को इस पर नियुक्त नहीं किया जा सकता है. लेकिन सरकार ने भाजपा,जेएमएम और कांग्रेस से संबंधित तीन आवेदकों की नियुक्ति भी सूचना आयुक्त के पद पर करने की अनुशंसा की है.

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