Ranchi : राजधानी रांची के रातू थाना इलाके के झखराटांड़ में 13 मार्च की रात राज नंदनी पाठक की हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. इस हत्याकांड की मुख्य वजह संपत्ति लिखने का शक है. राहुल पाठक को इस बात का शक हो रहा था कि पिता सुबोध पाठक ने राज नंदनी पाठक के नाम से संपत्ति न लिख दें.

पुलिस व रिश्तेदारों संग बैठे राजनंदनी के दिव्यांग पिता
इस हत्याकांड का मास्टरमांइड राहुल पाठक है. राहुल पाठक सुबोध पाठक के पुत्र है. पुलिस ने आज इस मामले में प्रेस वार्ता किया और बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार अपराधी का नाम सुबोध पाठक और राहुल पाठक है. इस मामले में पुलिस ने एक एंबुलेंस को भी जब्त किया है. गिरफ्तार दोनों अपराधी को पुलिस ने जेल भेज दिया है.

मृतक बच्ची राजनंदिनी
यहां बता दें कि राजनंदनी पाठक बिहार के औरंगाबाद जिला की रहने वाली थी. मृतक बच्ची के पिता दिव्यांग हैं और वह गांव में ही रहते हैं. उन्हें पता था कि हमारी बेटी रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई करती थी लेकिन रिश्तेदार ही कातिल निकला और बच्ची की निर्मम हत्या कर दी.
अब तक आपने पढ़ा
एंबुलेंस चालक पिंटू सिंह का बयान
एंबुलेंस चालक ने पुलिस को बताया कि 13 मार्च की रात बच्ची के शव को उठाया और उसके परिवार वालों के साथ चला गया. पुलिस ने आज चालक का बयान कोर्ट में दर्ज करा दिया है. पुलिस को राहुल पाठक ने बताया कि हमारे साले से बच्ची की दोस्ती थी. इसी कारण परिवार वालों ने हत्या कर दी.
आपको बता दें कि मृतक बच्ची की उम्र 13 साल थी. वह अपने परिवार सुबोध पाठक के साथ पिछले आठ सालों से रह कर पढ़ाई कर रही थी. मृतक बच्ची लुसी पाठक उर्फ राज नंदिनी पाठक के साथ परिवार वालों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थी.
अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक फरार
मृतक बच्ची को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. उस अस्पताल के संचालक का नाम अमरेश पाठक है. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार अमरेश पाठक सुबोध पाठक का रिश्तेदार है. अमरेश पाठक ने ही एंबुलेंस उपलब्ध कराया. सुबोध पाठक और अक्ष पाठक को यहां से भागने में मदद किया. पुलिस अमरेश पाठक की तलाश कर रही है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment