- सुबोध पाठक ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर की बच्ची की हत्या
- एम्बुलेंस चालक का बयान होगा दर्ज
- डॉक्टर आरोपी अमरेश पाठक की तलाश में जुटी पुलिस
Ranchi : राजधानी के रातू थाना क्षेत्र स्थित झखरांटाड़ में नाबालिग बच्ची की हत्याकांड मामले में आज पुलिस एंबुलेंस चालक का बयान कोर्ट में दर्ज कराएगी. पुलिस की पूछताछ में चालक ने बताया है कि 13 मार्च की रात उसने बच्ची के शव को उठाया और उसके परिवार वालों के साथ चला गया.
गौरतलब है कि बीते 13 मार्च को बच्ची को बच्ची की निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने रिश्तेदार सुबोध पाठक समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस ने एंबुलेंस चालक से भी इस मामले में पूछताछ की थी. हालांकि पुलिस अभी तक इस हत्याकांड की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है.
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, अक्षय पाठक के साले से बच्ची की दोस्ती थी. इसी कारण परिवार वालों ने उसकी हत्या कर दी. बच्ची पिछले आठ सालों से सुबोध पाठक के घर में रहकर पढ़ाई कर रही थी.

मृतक बच्ची की तस्वीर
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घर में लगा रहता था साधुओं का आना-जाना, नरबलि की आशंका
फिलहाल पुलिस इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने का प्रयास कर रही है. लेकिन बच्ची के पड़ोसी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पड़ोसियों का कहना है कि सुबोध पाठक के घर में लगातार कुछ दिनों से साधुओं का आना-जाना लगा रहता था. आंशका जाहिर की है कि बच्ची की नरबलि दे दी गई और सबूत छिपाने की कोशिश की गई. फिलहाल पुलिस इस मामले में तथ्य जुटा रही है.
अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक फरार
मृतक बच्ची को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. उस अस्पताल के संचालक का नाम अमरेश पाठक है. पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, अमरेश पाठक, सुबोध पाठक का रिश्तेदार है. उसी ने उसे एम्बुलेंस उपलब्ध कराया और सुबोध पाठक और अक्षय पाठक को यहां से भागने में मदद की. पुलिस अमरेश पाठक की तलाश कर रही है. लेकिन वह फरार है.
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