Ranchi News : छात्रों के सीएम का पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान रांची और गिरिडीह में बवाल हो गया है. रांची में जहां पुतला छीन कर भाग रहे युवक पर छात्रा के साथ मारपीट का आरोप लगा है. प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, एल्बर्ट एक्का चौक पर 4-5 लोगों के एक समूह ने छात्रों से पुतला और मशाल छीनने का प्रयास किया. शहीद चौक पर पुतला जलाया गया.

आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने प्रदर्शन कर रही एक छात्रा को थप्पड़ मार दिया. घटना के बाद मौके पर मौजूद छात्र आक्रोशित हो गए और एक युवक को पकड़ लिया. इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई.

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में बाधा डालने वाले लोग JMM से जुड़े थे. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
वहीं, गिरिडीह के झंडा मैदान में भी मुख्यमंत्री के पुतला दहन को लेकर झंडा मैदान में हंगामा हो गया. छात्र संगठनों के कार्यकर्ता कार्यक्रम की तैयारी के लिए मैदान में जुटे थे. आरोप है कि इसी दौरान झामुमो कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुतला दहन का विरोध करते हुए छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं से मारपीट शुरू कर दी.
छात्र संगठनों का आरोप है कि उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और गाली-गलौज की गई. इस दौरान पुतला भी छीन लिया गया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं को वहां से हटना पड़ा.
सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पुतला दहन रोकने तथा छात्रों को वहां से हटने के लिए माइकिंग करते हुए अपील किया गया जिसके बाद छात्रों ने नारे बाजी शुरू किया जिसके बाद राष्ट्रगान गाया और फिर तेजी से पुतला लेकर बढ़ने लगे, जहां तैनात पुलिस कर्मियों ने पुतला छीन लिया. इसी दौरान पुलिस ने भीड़ को तीतर बितर करने के लिए छात्रों को दौड़ाया. इस दौरान हल्का बल का प्रयोग भी किया गया.
इधर छात्रों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कुछ छात्र आंशिक रूप से घायल हुए हैं. हालांकि छात्रों ने झामुमो के कुछ कार्यकर्ताओं पर भी मारपीट और लाठीचार्ज का आरोप लगाया है.
वहीं, झामुमो कार्यकर्ताओं ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे बचाव की स्थिति बताया. फिलहाल गांधी मैदान में पुलिस और छात्र डटे हुए हैं. पुतला दहन नहीं हो सका है फिलहाल स्थिति शांति पूर्ण है और स्थल पर पुलिस बल की तैनाती है.

प्रदर्शन करते छात्र
उल्लेखनीय है कि छात्रों के आंदोलन को देखते हुए झारखंड सरकार ने परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. जो लोग नियुक्त हुए थे वह सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट गए हाईकोर्ट ने सरकार का आदेश रद्द कर दिया. जिसके बाद छात्रों ने सरकार पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए आंदोलन की घोषणा की है.
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