Search

 
 
 

DFO मौन प्रकाश के विरुद्ध करोड़ों की गड़बड़ी पर जनप्रतिनिधियों में रोष, पत्र लिख की शिकायत

Hazaribagh: हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) मौन प्रकाश द्वारा लगातार की जा रही वित्तीय अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में काफी रोष है.  पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने इसको लेकर आरसीसीएफ, सीएफ एवं वरीय अधिकारियों को शिकायत की थी. लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की गई.
 

Hazaribagh: हजारीबाग पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) मौन प्रकाश द्वारा लगातार की जा रही वित्तीय अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों में काफी रोष है.  पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने इसको लेकर आरसीसीएफ, सीएफ एवं वरीय अधिकारियों को शिकायत की थी. लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं की गई. 

 

इसके बाद अब पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने वन विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. जिसकी प्रति मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त मंत्री को भी दी गई है.  सचिव को लिखे गए पत्र में  उमाशंकर अकेला ने आरोप लगाया है कि डीएफओ के कार्यकाल में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की अनियमितता हुई है, लेकिन अब तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई. 

 

पत्र में लिखा गयाहै कि पुराने PVC गेबियन और कांटेदार तार के रखरखाव में लगभग 20–25 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया गया है. वहीं कैंपा और IWMP योजना के तहत भी लगभग 25 लाख रुपये की राशि प्रशिक्षण के नाम पर निकाल ली गई, जबकि वास्तव में कोई प्रशिक्षण नहीं हुआ है. 

 

इसके अलावा मजदूरों के एरियर भुगतान में भी गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं, जिसमें वास्तविक लाभार्थियों को भुगतान नहीं कर किसी और के नाम पर राशि निकाली गई. वनरोपण योजना में भी लक्ष्य के अनुसार पौधरोपण न होने और राशि के दुरुपयोग की बात कही गई है. 

 

पत्र में यह भी आरोप है कि कई गांवों के माइक्रो प्लान बनाने के नाम पर लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ. बरकट्टा सुरजकुंड पार्क परियोजना और अन्य विकास कार्यों में भी फर्जी बिल और मास्टर रोल के जरिए पैसे के गबन की बात कही गई है. 

 

पत्र में कहा गया है कि पूर्व सांसद ने भी इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों और एसीबी से की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने डीएफओ के पदस्थापन काल से लेकर अब तक विकास कार्यों के नाम पर ट्रेजरी से करोड़ों रुपये की निकासी की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. 

 

उन्होंने अपनी उपस्थिति में स्थल निरीक्षण के साथ-साथ मास्टर रोल और वाउचर की भी जांच कराने की बात कही है. पूर्व विधायक का कहना है कि अगर सही तरीके से जांच की गई तो सरकार के पक्ष में करोड़ों रुपये की अनियमितता उजागर हो सकती है.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही