Ranchi : पूरनचंद फ़ाउंडेशन के सचिव अभिजीत कुमार ने सरला बिरला विश्वविद्यालय में चल रहे ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रोग्राम का दौरा किया. इस दौरान उनके साथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफ़ेसर मिस मार्गरेट और रौशन कुमार मिश्रा रिसर्च स्कॉलर BIT मेसरा भी उपस्थित थे.
दौरे के दौरान अभिजीत कुमार ने विस्तार से जाना कि किस प्रकार ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग शिक्षा और सामाजिक विकास में किया जा सकता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरनचंद फ़ाउंडेशन आने वाले समय में बच्चों और युवाओं को इस तकनीक से जोड़ने के लिए ठोस पहल करेगा.
शिक्षा एवं जागरूकता
अभिजीत कुमार ने बताया कि ड्रोन टेक्नोलॉजी बच्चों के लिए विज्ञान और तकनीक की ओर आकर्षण का नया मार्ग खोल सकती है. पूरनचंद फ़ाउंडेशन इस तकनीक को शिक्षा के क्षेत्र में लाने और युवाओं को प्रशिक्षित करने पर ध्यान देगा.
कृषि क्षेत्र में उपयोग
अभिजीत कुमार ने यह भी साझा किया कि पूरनचंद फ़ाउंडेशन ड्रोन टेक्नोलॉजी को कृषि क्षेत्र में लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है. ड्रोन के माध्यम से फसलों की निगरानी, कीट नियंत्रण, उर्वरक/कीटनाशक का छिड़काव और उत्पादन का आकलन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है.
क्राइम मैपिंग और सुरक्षा
अभिजीत कुमार जो स्वयं एक रिसर्च स्कॉलर हैं और वर्तमान में GIS आधारित क्राइम मैपिंग पर काम कर रहे हैं ने बताया कि ड्रोन का प्रयोग अपराध नियंत्रण और निगरानी में भी किया जा सकता है. ड्रोन की मदद से संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनिटरिंग, घटनाओं का त्वरित विश्लेषण और रियल-टाइम डेटा कलेक्शन संभव है जिससे अपराध दर को कम करने में मदद मिल सकती है.
फ़ाउंडेशन की भविष्य की योजना
पूरनचंद फ़ाउंडेशन ड्रोन टेक्नोलॉजी को न केवल शिक्षा, बल्कि कृषि, सुरक्षा और सामाजिक विकास के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा. अभिजीत कुमार ने कहा कि यह पहल झारखंड सहित पूरे देश में युवाओं और समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment