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खरीफ फसल आच्छादन रिपोर्ट पर भड़के राधाकृष्ण किशोर, कहा- समीक्षा करें डीसी

Medninagar : पलामू जिला कृषि विभाग की एक अगस्त 2022 और 15 अगस्त 2022 की खरीफ फसल आच्छादन रिपोर्ट पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है. पूर्व मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पलामू के डीसी खरीफ फसलों के आच्छादन की वास्तविक स्थिति और कृषि विभाग की रिपोर्ट की समीक्षा करें. उन्होंने कहा कि पलामू जिला का कोई भी प्रखंड, रिपोर्ट की गड़बड़ी के कारण सुखाड़ क्षेत्र घोषित किए जाने और राहत पाने से वंचित न हो जाए. इसे भी पढ़ें-नहीं">https://lagatar.in/did-not-slow-down-business-of-counterfeit-notes/">नहीं

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जिले को पांच प्रक्षेत्र में बांटें-राधाकृष्ण किशोर

उन्होंने सुखाड़ का अध्ययन करने 22 अगस्त को पलामू आ रही राज्यस्तरीय पांच सदस्यीय टीम से भी अनुरोध किया है कि जिले को पांच प्रक्षेत्र में बांटकर हर प्रक्षेत्र के दस-दस गांवों का रैंडम तरीके से चुनाव करें. साथ ही संबंधित गांव में जाकर हकीकत का अध्ययन करें. राजनैतिक और सामाजिक संगठनों के प्रमुख से भी बात करें, तभी सही स्थिति समझ में आ सकेगी. धान की बुआई/रोपनी का आंकड़ा बता रहा है कि पलामू जिला भीषण सुखाड़ की चपेट में है. 51 हजार हेक्टेयर की जगह महज 2383 हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई है. इसे भी पढ़ें-मंकीपॉक्स">https://lagatar.in/tomato-flu-spreading-from-india-after-monkeypox/">मंकीपॉक्स

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कृषि विभाग के आंकड़े पर आपत्ति

कृषि विभाग के आकड़े बताते हैं कि एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच पलामू जिले में औसतन मात्र 79.9 मिलीमीटर बारिश हुई है. इससे सवाल उठता है कि इतनी कम बारिश से पलामू जिले में चार हजार हेक्टेयर में धान सहित अन्य खरीफ फसलों का आच्छादन कैसे बढ़ गया? उन्होंने कहा कि फसलों के आच्छादन का आकलन और वर्षापात माप की जिले में अपनायी गई प्रणाली सवालों के घेरे में है. [wpse_comments_template]

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