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राहुल गांधी ने केरल में कहा, आरएसएस- माकपा में जनता के प्रति कोई संवेदना नहीं, भारतीय राजनीति की यह त्रासदी है

राहुल गांधी ने कहा कि उनकी आरएसएस और माकपा से सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उनके मन में लोगों के लिए कोई भावना नहीं है. कहा कि आप चाहे जो भी भाषण दें, अगर आपके मन में लोगों के लिए कोई भावना नहीं है.
 

 Kottayam :  कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज शुक्रवार को केरल को कोट्टायम में आरएसएस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) पर बरसे. कहा कि इन दोनों से मै वैचारिक रूप से और विचारों के क्षेत्र में लड़ता रहा हूं.

 

 

 

राहुल गांधी ने कहा कि उनकी आरएसएस और माकपा से सबसे बड़ी शिकायत यह है कि उनके मन में लोगों के लिए कोई भावना नहीं है. कहा कि आप चाहे जो भी भाषण दें, अगर आपके मन में लोगों के लिए कोई भावना नहीं है.

 

 

कांग्रेस सांसद ने कहा कि आप लोगों से जुड़ने और उन्हें गले लगाने के लिए तैयार नहीं हैं, तो आप नेता नहीं बन सकते. आज भारतीय राजनीति की यही त्रासदी है कि बहुत कम लोग वास्तव में महसूस करते हैं कि दूसरे क्या महसूस कर रहे हैं.

 

 

राहुल गांधी ने यहां पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के दिग्गज नेता ओमन चांडी को याद किया. उन्होंने कहा कि मेरे 21 साल के राजनीतिक जीवन में भावनाओं की राजनीति के महारथियों में से एक पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी जी थे. मैंने सचमुच उन्हें केरल के लोगों के लिए जीते और मरते हुए देखा.

 

 

राहुल गांधी ने कहा कि यहां आकर ओमन चांडी के बारे में आपसे बात करना मेरे लिए सम्मान की बात है. राहुल ने कहा कि कई मायनों में, चांडी जी मेरे और केरल के कई लोगों के गुरु हैं. उन्होंने हमें बातों या विचारों से नहीं, बल्कि अपने कार्यों से दिशा दिखाई.  मैं आशा करता हूँ कि केरल के युवा उनके पदचिन्हों पर चलेंगे और केरल की राजनीति की परंपरा के अनुसार व्यवहार करेंगे. 

 


मुझे याद है भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, सभी ने कहा था, यहा तक कि डॉक्टरों ने भी मुझे बताया था कि चांडी जी यात्रा में चल नहीं सकते. और जब मैं उन्हें यह बताने गया कि वे लंबी यात्रा नहीं कर सकते, तो उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वे चलेंगे. फिर मुझे उन्हें थोड़ा ही चलने के लिए विवश करना पड़ा. हमें उन्हें ज़बरदस्ती कार में बिठाना पड़ा,

 

 

राहुल गांधी ने मानव-पशु संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वायनाड में लोग बाघों और हाथियों के हाथों मारे जाते हैं.  राहुल गांधी ने मानव-पशु संघर्ष में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कही कि आप वहां जाकर कह सकते हैं कि आप मानव-पशु संघर्ष से निपटने जा रहे हैं, और आप इसे कैसे करेंगे, इस बारे में कोई बढ़िया विचार बताकर भाषण दे सकते है.

 

 

राहुल गांधी ने कहा कि आप उनके घर जाकर महसूस कर सकते हैं कि मरने वाले व्यक्ति के बच्चों को कैसा लगा होगा. ऱाहुल ने कहा, फिर आप उस व्यक्ति के डर को महसूस कर सकते हैं जो उसे तब महसूस हुआ होगा जब बाघ अचानक उसके सामने आ गया होगा. आप महसूस कर सकते हैं कि जब बाघ उस पर हमला कर रहा था तो वह क्या सोच रहा था और उसने कैसे सोचा होगा कि उसके बच्चों की देखभाल कौन करेगा.

 

 

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