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रेलवे भर्ती मामला: समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक- HC

  • CAT रांची सर्किट बेंच का आदेश रद्द
  • उम्मीदवार को नौकरी देने का आदेश

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने रेलवे भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्र सरकार और रेलवे भर्ती बोर्ड को झटका दिया है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि समान परिस्थितियों में अलग-अलग व्यवहार करना असंवैधानिक है. हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की खंडपीठ ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल( CAT ) के फैसले को रद्द कर दिया.

 

कोर्ट ने कहा कि समान परिस्थितियों में अन्य उम्मीदवारों को नियुक्ति दी गई है. लेकिन याचिकाकर्ता को नियुक्ति से वंचित करना भेदभावपूर्ण और मनमाना है. हाईकोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल को पटना बेंच, सर्किट बेंच रांची के 23 अक्टूबर 2024 आदेश रद्द किया. साथ ही रेलवे को निर्देश दिया कि 4 सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र जारी किया जाए.


 क्या है मामला

याचिकाकर्ता रविशंकर कुमार, जो भारतीय सेना में 16 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दे चुके थे, ने रेलवे की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC) भर्ती (CEN No. 01/2019) के तहत आवेदन किया था. नियम के अनुसार, उम्मीदवार का 31 मार्च 2020 तक सेना से सेवानिवृत्त होना जरूरी था, जबकि याचिकाकर्ता 30 अप्रैल 2020 को सेवानिवृत्त हुए.

 

दस्तावेज सत्यापन के दौरान रेलवे ने उनकी उम्मीदवारी यह कहते हुए रद्द कर दी कि वे कट-ऑफ तिथि के भीतर सेवानिवृत्त नहीं हुए और आवेदन में गलत जानकारी दी. सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल पटना बेंच सर्किट बेंच रांची ने रवि शंकर कुमार को राहत देने से इनकार करते हुए इस मामले में उनकी याचिका खारिज करते हुए रेलवे के निर्णय को सही ठहराया था. हाईकोर्ट ने माना कि ट्रिब्यूनल ने समानता के मुद्दे पर विचार नहीं किया, जो कि “परवर्सिटी” (स्पष्ट त्रुटि) के दायरे में आता है.

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