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मिसाल: जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा तक का ध्यान रख रहे राजकुमार

Jamshedpur: कोरोना की दूसरी लहर की विनाशलीला के बीच ऐसे लोग भी कम नहीं हैं, जो अपनी चिंता छोड़ दूसरों की सेवा में जुटे हैं. चाहे वह मरीजों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम करना हो. उनके लिए भोजन और दवा का प्रबंध करना हो अथवा अस्पतालों में उन्हें भर्ती कराने का काम हो. ऐसे ही एक समाजसेवी हैं राजकुमार सिंह.

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जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों में लोगों को पानी उपलब्ध कराते राजकुमार

पानी वाले भैया के नाम से हैं मशहूर

जमशेदपुर में राजकुमार सिंह का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह पिछले एक दशक से अधिक समय से जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों में अपने निजी टैंकरों के माध्यम से लोगों को निःशुल्क शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराते हैं. जहां कहीं भी पानी की समस्या होती है, बस राजकुमार सिंह को जानकारी देने की देर है. उनका टैंकर वहां पहुंच जाता है. उनके दो निजी टैंकर गर्मी के मौसम में दिन भर इसी काम में व्यस्त रहते हैं. इलाके में राजकुमार सिंह का नाम ही पानी वाले भैया पड़ गया है.

गांवों में करा रहे सैनिटाइजेशन और एंटी लार्वा छिड़काव

जब से कोरोना की दूसरी लहर आयी है, वह अपने क्षेत्र की परसुडीह, गदड़ा, सोपोडेरा, सरजमदा, दक्षिण हलुदबनी, बारीगोड़ा सहित आठ पंचायतों के हर टोले-मुहल्ले में सैनिटाइजेशन का काम करा रहे हैं. वैसे इलाकों में जहां कोरोना के मामले अधिक हैं, वहां करीब-करीब रोजाना ही वे सैनिटाइजेशन कराते हैं. इसके अलावा मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर ब्लीचिंग पाउडर और एंटी लारवा दवा का छिड़काव भी कराया जाता है.

इलाज से लेकर अंतिम संस्कार और बच्चों की फीस तक भर रहे

जमशेदपुर में अस्पतालों में बेड की कमी के बावजूद राजकुमार भरसक जरूरतमंद लोगों को बेड दिलवाते हैं. आधी रात को ऑक्सीजन सिलेंडरों का इंतजाम करते हैं. वित्तीय समस्या से जूझ रहे परिवारों की आर्थिक मदद करते हैं. इस कोरोना काल में राजकुमार सिंह ने दो दर्जन से अधिक बच्चों की स्कूल फीस अपने पैसों से भरी है, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न होने पाये. इसके अलावा वैसे दर्जनों परिवारों, जहां लोगों का कोरोना से निधन हुआ, उनके अंतिम संस्कार एवं श्राद्ध कर्म के लिए भी उन्होंने आर्थिक सहायता दी है. यही कारण है कि सुबह होते ही उनके दरवाजे पर जरूरतमंद लोगों का पहुंचना शुरू हो जाता है. वह किसी को भी निराश नहीं लौटाते.

समाज ने दिया है, उसे लौटाना मेरा फर्ज है

इस बारे में राजकुमार सिंह का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ सेवा है. भगवान ने उन्हें जो कुछ दिया है, उसे इस समाज के लिए खर्च करना उनका दायित्व है. उन्होंने गरीबी का जीवन जिया है और उन्हें मालूम है कि बेबसी कैसी होती है. किसी के आगे हाथ फैलाना कितना दर्दनाक होता है. इसलिए वह ज्यादा से ज्यादा लोगों के काम आने की कोशिश करते हैं. उनके पास समर्पित और उत्साही युवाओं की टीम है, जो जरूरतमंद लोगों के घर तक जाकर उन्हें मदद पहुंचाती है. कोरोना की पहली लहर के दौरान राजकुमार सिंह और उनकी टीम ने लगातार तीन महीने तक लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने के साथ कंटेनमेंट जोन में रह रहे लोगों को सुबह दूध ब्रेड और सूखा राशन उपलब्ध कराया था.

वैक्सीनेशन के लिए लोगों को कर रहे प्रेरित

फिलहाल राजकुमार सिंह पेयजल व्यवस्था, सैनिटाइजेशन और लोगों के इलाज के साथ-साथ वैक्सीनेशन के काम में व्यस्त हैं. वह हर दिन विभिन्न इलाकों में बने वैक्सीनेशन सेंटर में जाते हैं. वहां सभी लोगों को वैक्सीन मिल जाए इसका ध्यान रखते हैं, और लोगों को प्रेरित करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में टीकाकरण कराएं.

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