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राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ यूनिट में बनी  ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाई

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रत्येक वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण किया जायेगा  और भविष्य में क्षमता बढ़कर 150 हो जायेगी, तो राज्य सरकार को इन मिसाइलों से जीएसटी के माध्यम से सालाना 150 से 200 करोड़ रुपये मिलेंगे.
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Lucknow : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इकाई में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाई. इससे पहले दोनों ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट में बूस्टर और वारहेड बिल्डिंग का उद्घाटन किया. परिसर में पौधारोपण भी किया. एसयू-30 के माध्यम से ब्रह्मोस के आभासी हमले का नजारा देखा.

 

 

  

 इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, यह आत्मनिर्भर भारत की नींव है. अब तक हमने छह नोड्स में इस उद्देश्य के लिए 2,500 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध कराई है. इसके माध्यम से, राज्य के 15,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है. 

 


योगी ने कहा कि डीजी ब्रह्मोस और रक्षा मंत्री ने हाल ही में हमें 40 करोड़ रुपये का जीएसटी चेक प्रदान किया है. मैंने डीआरडीओ से कहा है, मुझे बताएं कि आपको कितनी जमीन चाहिए.  हम आपको यहां उपलब्ध करा देंगे..

 


योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रत्येक वर्ष 100 ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्माण किया जायेगा. भविष्य में क्षमता बढ़कर 150 हो जायेगी, तो राज्य सरकार को इन मिसाइलों से जीएसटी के माध्यम से सालाना 150 से 200 करोड़ रुपये मिलेंगे.

 


योगी ने कहा, यह हमारे लिए उपलब्धि का क्षण है, क्योंकि हम प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के संकल्प को पूरा करने और रक्षा मंत्री की उपस्थिति में स्वदेशी तकनीक पर आधारित ब्रह्मोस मिसाइल की पहली खेप को हरी झंडी दिखाने के लिए भाग्यशाली हैं.

 


यह मिसाइल भारत की रक्षा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है. इसका अर्थ है कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों के माध्यम से भारत अब न केवल अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि दुनिया भर के अपने मित्र देशों की सुरक्षा आवश्यकताओं को भी पूरा करने में सक्षम है.
 


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