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राज्यसभा के सभापति ने अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस खारिज किया

NewDelhi : गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आज गुरुवार को खारिज कर दिया. इस क्रम में श्री धनखड़ ने कहा कि सदन का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की इमेज गिराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

जयराम रमेश ने विशेषाधिकार हनन  का नोटिस दिया  

उन्होंने घनश्याम तिवाड़ी के नेतृत्व वाली एथिक्स कमेटी से एसबी चव्हाण कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन कर फ्रेश गाइडलाइन तैयार करने के लिए कहा. मामला यह है कि राज्यसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए अमित शाह ने पीएम राहत कोष में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सदस्य होने से संबंधित टिप्पणी की थी. इस टिप्पणी से नाराज कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग करते हुए नोटिस दिया है.

सभापति ने गृह मंत्री द्वारा ऑथेंटिकेट किये जाने की जानकारी दी 

सभापति ने कहा, गृह मंत्री ने इसे ऑथेंटिकेट करने की बात कही थी. साथ ही गृह मंत्री द्वारा ऑथेंटिकेट किये जाने की जानकारी भी दी गयी थी. बताया कि गृह मंत्री ने 24 जनवरी 1948 को जारी की गयी प्रेस विज्ञप्ति दी है. जयराम रमेश ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को  नोटिस दिया था. कहा था कि 25 मार्च को शाह ने आपदा प्रबंधन विधेयक, 2024 पर बहस के जवाब में कहा था कि पीएम राहत कोष कांग्रेस के शासन के दौरान बनाया गया था और पीएम केयर फंड नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में स्थापित किया गया था. जयराम रमेश ने कहा, मैं यहां नियम 188 के तहत शाह के खिलाफ विशेषाधिकार के प्रश्न का नोटिस देता हूं. उन्होंने राज्यसभा की सदस्य और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आक्षेप लगाया,

गृह मंत्री ने सोनिया का अप्रत्यक्ष रूप से  जिक्र किया

रमेश के अनुसार अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस के शासन के दौरान, केवल एक परिवार का नियंत्रण था और कांग्रेस अध्यक्ष उसी परिवार का हिस्सा थीं. कहा कि शाह के बयान से स्पष्ट होता है कि गृह मंत्री ने सोनिया गांधी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से उनका जिक्र किया. रमेश ने कहा. यह तय है कि सदन के किसी भी सदस्य के प्रति अपमानजनक संदर्भ देना विशेषाधिकार का उल्लंघन होता है. गृह मंत्री ने बिना किसी आधार के आरोप लगाये. उनका उद्देश्य सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था. इसे भी पढ़ें : बिहार">https://lagatar.in/doctors-on-strike-in-bihars-government-hospitals-opd-services-will-remain-closed-for-three-days/">बिहार

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